उन्नाव में हेड कांस्टेबल की बीमारी से मौत:अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम, कन्नौज पुलिस लाइन में थे तैनात


उन्नाव के बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के मेहरवान खेड़ा गांव निवासी हेड कांस्टेबल करन सिंह यादव की शुक्रवार देर शाम बीमारी के चलते मौत हो गई। करन सिंह (54) की न्नौज पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वह लंबे समय से किडनी और लिवर की बीमारी से पीड़ित थे और लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले हालत में सुधार होने पर परिजन उन्हें अस्पताल से घर ले आए थे। शुक्रवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन दोबारा अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, करन सिंह यादव की काफी समय से तबीयत खराब चल रही थी। किडनी और लिवर की बीमारी के कारण लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। कुछ दिन पहले डॉक्टरों ने हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया था। इसके बाद परिजन उन्हें घर लेकर आए थे। शुक्रवार देर शाम अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में तोड़ा दम परिजन करन सिंह को लेकर अस्पताल पहुंचते, इससे पहले ही उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। उनकी मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
पत्नी और 20 साल का बेटा, परिवार में मचा कोहराम परिजनों ने बताया कि करन सिंह यादव की शादी करीब 25 वर्ष पहले हुई थी। परिवार में पत्नी के अलावा 20 वर्षीय बेटा वैभव है। उनकी मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदार और ग्रामीण भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे। करन सिंह दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई दिलीप सिंह यादव बेहटामुजावर क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं। भाई की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। पुलिस साथियों ने भी जताया शोक करन सिंह यादव पुलिस विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे थे। कन्नौज पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनाती के दौरान साथी पुलिसकर्मियों और परिचितों से उनके संबंध रहे। परिजनों के अनुसार, वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और लखनऊ में इलाज करा रहे थे। शुक्रवार को अचानक हालत बिगड़ने के बाद उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। उनके निधन की जानकारी मिलने पर पुलिस विभाग के साथियों ने भी शोक जताया।

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