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जेवर एयरपोर्ट-गंगा एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना का काम लुब्रो एंड टारसेन (LT) को नहीं मिला। हालांकि, उसने सबसे कम बोली लगाई थी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने LT की बोली को टेक्निकल बीड में रिजेक्ट कर दिया था। इसे लेकर LT हाईकोर्ट पहुंची। यूपीडा के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी सही ठहरा दिया और LT की याचिका रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ कम बोली लगाना ही काफी नहीं है, सभी शर्तें पूरी करना भी जरूरी है। इसीलिए यूपीडा का फैसला सही है। टेंडर की तारीख तक लगी थी रोक कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, उत्तर प्रदेश जल जीवन मिशन ने LT पर 13 अप्रैल 2026 को रोक लगाई थी। यह रोक यूपीडा के मौजूदा टेंडर की आखिरी तारीख 7 सितंबर 2026 तक लागू थी। रोक इसके 7 दिन बाद यानी 14 सितंबर को हटी थी। चूंकि लगी रोक टेंडर के बाद हटी थी इसलिए कंपनी इसमें बोली के लिए उस समय तक योग्य नहीं थी। बेंच ने साफ किया कि रोक हटाने का आदेश भविष्य के लिए होता है। LT के वकील ने दलील दी कि कंपनी की बोली 252 करोड़ रुपए सबसे कम थी। इस पर कोर्ट ने कहा- जरूरी शर्त पूरी न हो रही हो, तो कम बोली लगा देने से वित्तीय मूल्यांकन का अधिकार नहीं मिल जाता।
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जेवर एयरपोर्ट-गंगा एक्सप्रेसवे लिंक का काम LT को नहीं मिलेगा:हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका रद्द की, कहा- यूपीडा का फैसला सही