Ujjain Shahi Masjid Demolition | Singhasth Kumbh Road Widening Update

  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain Shahi Masjid Demolition | Singhasth Kumbh Road Widening Update

उज्जैन3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
शाही मस्जिद के हिस्से को मुस्लिम समुदाय के लोग हाथ से तोड़ने का काम चार दिन से कर रहे हैं। इसी दौरान हादसा हुआ।  - Dainik Bhaskar

शाही मस्जिद के हिस्से को मुस्लिम समुदाय के लोग हाथ से तोड़ने का काम चार दिन से कर रहे हैं। इसी दौरान हादसा हुआ।

उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद की मीनार का एक हिस्सा गुरुवार को अचानक टूटकर छत पर गिर गया। इससे मस्जिद की छत को भी नुकसान पहुंचा। हादसे में किसी को चोट नहीं आई।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल चौक से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ी की जानी है। शाही मस्जिद की मीनार समेत करीब 6 फीट हिस्सा सड़क की जद में आ रहा था। मुस्लिम समुदाय के लोग इसे हाथ से तोड़ने का काम चार दिन से कर रहे हैं।

गुरुवार को भी निर्माण हटाया जा रहा था, तभी मीनार का हिस्सा टूटकर गिर गया।

प्रशासन ने छत का मरम्मत कार्य शुरू कराया

कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि मीनार गिरने से मस्जिद के जिस हिस्से को नुकसान पहुंचा है, उसकी मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

शाही मस्जिद वाली सड़क पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद है।

शाही मस्जिद वाली सड़क पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद है।

28 सितंबर को हुआ था विवाद

गौरतलब है कि 28 सितंबर को शाही मस्जिद को लेकर विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने से जुड़ी भ्रामक और AI से तैयार जानकारी वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे।

पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने फोर्स पर पथराव किया था। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया। मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ CCTV और ड्रोन फुटेज की भी जांच की।

एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।

एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।

9 आरोपी जेल भेजे गए

30 सितंबर को मामले में गिरफ्तार 9 आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात है। बाजार के कुछ हिस्सों में दुकानें भी बंद रहीं।

मुस्लिम समुदाय के साथ बनी सहमति के बाद मस्जिद का हिस्सा तोड़ा जा रहा है।

मुस्लिम समुदाय के साथ बनी सहमति के बाद मस्जिद का हिस्सा तोड़ा जा रहा है।

हाजी हारून बोले- शाही मस्जिद महाकाल मंदिर से दूर, कोर्ट को गुमराह किया

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में जमीयत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने प्रशासन और अदालत में रखे गए तथ्यों पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि शाही मस्जिद को महाकाल मंदिर के बिलकुल करीब बताकर कोर्ट को गुमराह किया गया। उनका दावा है कि मस्जिद मंदिर से काफी दूरी पर है और सड़क चौड़ीकरण के लिए केवल तीन फीट जगह की जरूरत थी तो दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता था।

हारून ने कहा कि प्रशासन के साथ करीब आठ लोगों की बातचीत या सहमति को पूरे मुस्लिम समाज की सहमति नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, ऐसे संवेदनशील मामले में आम लोगों को पूरी स्थिति बताकर भरोसे में लेना चाहिए था।

न्यायिक प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए

हारून ने कहा- न्यायिक प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में पहले सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच में सुनवाई हुई। ऐसे में पक्षकारों को उपलब्ध न्यायिक विकल्पों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए था। उन्होंने पूछा कि ऐसी क्या जल्दी थी कि मामले को अंतिम न्यायिक स्तर तक जाने का मौका नहीं दिया गया।

तीन फीट जगह के लिए दूसरे विकल्प क्यों नहीं

हारून ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए यदि केवल तीन फीट जगह की जरूरत थी तो प्रशासन को दूसरे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए था। उन्होंने शाही मस्जिद के सामने मौजूद संदल वाली इमारत को भी विकल्प बताया। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर मुआवजा देकर दूसरी संपत्ति ली जा सकती थी और मुस्लिम समाज इसके लिए राशि जुटाने को तैयार था।

उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए रास्ते का डिजाइन बदलने, गलियों को चौड़ा करने या आसपास की अन्य संपत्तियों को लेने जैसे विकल्प भी देखे जा सकते थे। उनका कहना है कि विकास कार्य में मंदिर या मस्जिद को हटाने के बजाय धार्मिक स्थलों को बचाकर रास्ता निकालने की कोशिश होनी चाहिए।

सहमति बनी थी तो आम लोगों को बताना था

हारून ने प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच हुई बातचीत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार करीब आठ लोगों ने प्रशासन से बातचीत की थी। यदि कोई सहमति बनी थी तो आम लोगों को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए था कि क्या तय हुआ और मस्जिद का कितना हिस्सा प्रभावित होगा।

उन्होंने कहा कि मस्जिद की सुरक्षा के लिए लंबे समय से लोग वहां मौजूद थे। ऐसे में अचानक कार्रवाई के बजाय पहले उन्हें वास्तविक स्थिति समझाई जानी चाहिए थी। हारून ने कहा कि कुछ लोगों का प्रशासन से बात कर लेना पूरे मुस्लिम समाज की सहमति नहीं माना जा सकता।

कार्रवाई में नुकसान की जांच की मांग

हारून ने मस्जिद की मीनार हटाने के तरीके पर भी सवाल उठाया। उनका आरोप है कि जिस हिस्से को मैनुअल तरीके से हटाने की बात थी, वहां मशीनों के इस्तेमाल से मीनार गिर गई और मस्जिद को नुकसान पहुंचा। उन्होंने इसकी जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग की।

उन्होंने शाही मस्जिद के अलावा तकिया मस्जिद को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्किंग के लिए धार्मिक स्थल हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार होना चाहिए था।

अब तक क्या कार्रवाई हुई

  • सड़क चौड़ीकरण की योजना: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आया।
  • मस्जिद कमेटी से सहमति: प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच प्रभावित हिस्सा हटाने पर सहमति बनी। हाईकोर्ट में भी मुस्लिम पक्ष की ओर से सहयोग की बात कही गई।
  • 28 सितंबर को बवाल: कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने की भ्रामक/AI सामग्री वायरल होने के बाद बड़ी भीड़ मौके पर पहुंची। पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया।
  • पुलिस कार्रवाई: मामले में कई FIR दर्ज हुईं और आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई। सोशल मीडिया अकाउंट्स और CCTV/ड्रोन फुटेज की भी जांच की गई।
  • 9 आरोपी कोर्ट में पेश: 30 सितंबर को 9 आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
  • स्थिति: विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है तथा बाजार के कई हिस्सों में दुकानें बंद रहीं।

——————–

ये खबर भी पढ़ें

मस्जिद विवाद में उपद्रव फैलाने वाले 100 इंस्टाग्राम ID ब्लॉक

उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं। पढ़ें पूरी खबर

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.