यूपी चुनाव से पहले एबीवीपी से जुड़े 25 हजार छात्र:महानगर मंत्री बोले- चुनाव से कोई लेना-देना नहीं; हर साल चलाते है सदस्यता अभियान


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का सदस्यता अभियान चल रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी महानगर में 25 हजार छात्र एबीवीपी के सदस्य बने हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में भी पिछले चार दिनों से अभियान चल रहा है, जहां अब तक करीब 1100 छात्रों को संगठन से जोड़ा गया है। परिषद के महानगर मंत्री शिवम तिवारी ने बताया कि हमारे सदस्यता अभियान का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। हम हर साल सदस्यता अभियान चलाते हैं। इस साल हमने 37 हजार 500 छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। हमारा अभियान 5 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं सदस्यता लेने वाले छात्रों ने बताया कि एबीवीपी एडमिशन से लेकर रिजल्ट तक किसी भी परेशानी में उनकी मदद करती है। इसी वजह से उन्होंने संगठन की सदस्यता ली है। 37 हजार 500 का लक्ष्य, 25 हजार सदस्य बनने का दावा महानगर मंत्री शिवम तिवारी ने बताया कि वाराणसी महानगर में इस बार 37 हजार 500 सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 25 हजार सदस्य बनाए जा चुके हैं। सदस्यता अभियान 5 अक्टूबर तक चलेगा। संगठन की ओर से छात्रों के बीच सदस्यता अभियान चलाकर उन्हें संगठन के काम और गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है। हर साल चलता है अभियान महानगर मंत्री ने कहा कि एबीवीपी का सदस्यता अभियान हर साल चलाया जाता है। उन्होंने इसे चुनाव से जोड़कर नहीं देखने की बात कही। उनका कहना है कि संगठन विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर काम करता है और सदस्यता अभियान के जरिए नए छात्रों को संगठन से जोड़ा जाता है। हमारा परिषद एक गैर राजनीतिक संगठन है और विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है हमसे जोड़ 70 लाख छात्र है। विद्यापीठ में 4 दिन में 1100 छात्र जुड़े महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पिछले चार दिनों से सदस्यता अभियान चल रहा है। शिवम तिवारी के मुताबिक अब तक करीब 1100 छात्रों ने सदस्यता ली है। यहां छात्रों के लिए सदस्यता डेस्क भी लगाया गया है, जहां उन्हें संगठन और उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। छात्रों ने बताया- क्यों बन रहे परिषद के सदस्य दूसरे सेमेस्टर के छात्र अमृत राय ने बताया कि उन्होंने पिछले साल भी सदस्यता ली थी और इस साल भी सदस्य बने हैं। उनका कहना है कि कॉलेज में फैकल्टी और दूसरी समस्याओं के दौरान एबीवीपी से जुड़े वरिष्ठ छात्र मदद करते हैं। बीए के छात्र विश्वज्योति तिवारी ने बताया कि नए छात्रों को कैंपस में अपनी बात रखने और संबंधित लोगों तक समस्या पहुंचाने में परेशानी होती है। उनके अनुसार संगठन ऐसे छात्रों को अपनी बात रखने में मदद करता है। उन्होंने क्लासरूम की गंदगी जैसी समस्याओं को भी उठाने की बात कही। बीएएलएलबी प्रथम सेमेस्टर के प्रेमशंकर पाठक ने भी बताया कि संगठन ने उन्हें जरूरी जानकारी और संबंधित जगह तक पहुंचने में मदद की। छात्र बोले- समस्या होने पर साथ खड़े होते हैं कार्यकर्ता छात्रों के अनुसार कैंपस में पढ़ाई, फैकल्टी और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्या होने पर संगठन के वरिष्ठ छात्रों से मदद मिलती है। उनका कहना है कि नए छात्रों को कैंपस की व्यवस्था समझने और अपनी बात रखने में भी इससे सहायता मिलती है।

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