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गोंडा में नजूल की बेशकीमती जमीन पर करीब तीन दशक से चला आ रहा कब्जा मंगलवार रात खत्म हो गया। प्रशासन के सख्त रुख और कानूनी कार्रवाई के दबाव के बीच ज्योति विद्या मंदिर स्कूल के संचालक दयानंद मिश्रा ने खुद जेसीबी लगवाकर स्कूल भवन को गिरवा दिया। रात करीब 8 बजे तक करीब डेढ़ घंटे में पूरा निर्माण ढहा दिया गया। बुधवार सुबह मौके पर स्कूल भवन की जगह मलबा नजर आया। मामला गोंडा की करोड़ों रुपए कीमत की नजूल भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर वर्षों पहले ज्योति विद्या मंदिर स्कूल का निर्माण कराया गया था। इस जमीन को लेकर करीब 30 साल से अलग-अलग अदालतों में मामला चल रहा था। कानूनी प्रक्रिया के चलते जमीन पर कब्जा बना हुआ था। शासन स्तर से इसी जमीन को कमिश्नर कार्यालय और आवासीय भवन के निर्माण के लिए आवंटित किया जा चुका था। कब्जा होने के कारण यहां निर्माण शुरू नहीं हो सका था। कमिश्नर की सख्ती के बाद संचालक ने छोड़ा दावा देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकारी पक्ष की प्रभावी पैरवी कराई। प्रशासन की सख्ती और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद स्कूल संचालक ने जमीन खाली करने का फैसला लिया। स्कूल प्रबंधन की ओर से कानूनी शपथ पत्र देकर जमीन पर अपना दावा छोड़ने और परिसर खाली करने की सहमति दी गई। इसके बाद मंगलवार रात जेसीबी और बुलडोजर मौके पर पहुंचाए गए। संचालक की मौजूदगी में गिराया गया स्कूल भवन स्कूल संचालक दयानंद मिश्रा की मौजूदगी में भवन को गिराने का काम शुरू किया गया। करीब डेढ़ घंटे में पूरा ढांचा ढहा दिया गया। इसके बाद सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा लिया गया। बुधवार सुबह मौके पर स्कूल भवन की जगह मलबा पड़ा मिला। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब इस जमीन पर कमिश्नर कार्यालय और आवासीय भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। 30 साल पुराने मामले का हुआ पटाक्षेप नजूल जमीन पर लंबे समय से चले आ रहे कब्जे के खत्म होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस कार्रवाई को लेकर जिले में भी चर्चा है। अब सरकारी जमीन के उपयोग को लेकर शासन की ओर से प्रस्तावित निर्माण कार्य आगे बढ़ने की उम्मीद है।
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गोंडा में रात में 30 साल पुराना स्कूल ढहाया:ज्योति विद्या मंदिर के संचालक ने खुद जेसीबी लगवाकर गिराया भवन; नजूल जमीन हुई कब्जामुक्त