प्रयागराज में मंडलायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी का वेतन रोका:बोले-शासन की योजनाओं-जनसुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं


मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने मंगलावार केा होलागढ़ सीएचसी को मॉडल सीएचसी के रूप में विकसित करने में लापरवाही पर सीएमओ प्रयागराज का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के आदेश दिए हैं। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि शासन की योजनाओं और जनसुविधा से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में मंगलवार को हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में चारों जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों और मंडलीय अधिकारियों के साथ विभागवार कार्यों की समीक्षा की गई। होलागढ़ सीएचसी को मॉडल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। कौशाम्बी की सरायअकील सीएचसी में हुए बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए इमरजेंसी रूम समेत शेष कार्य जल्द पूरा कराने को कहा। घटिया काम पर नाराजगी लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में शास्त्री ब्रिज की एप्रोच रोड और शहर की 54 सड़कों के अनुरक्षण व पैचिंग कार्यों की जानकारी ली गई। मंडलायुक्त ने 30 सितंबर से शास्त्री ब्रिज की अप्रोच रोड में सुधार और 54 सड़कों की कारपेटिंग शुरू कराने के निर्देश दिए। स्टैनली रोड पर पॉटहोल सुधार कार्य में सब-स्टैंडर्ड वर्क मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और निर्धारित मानकों के अनुसार काम कराने को कहा। सभी कार्यों के पहले और बाद के फोटो भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। होम्योपैथी भवन की खराब गुणवत्ता पर ठेकेदार पर एफआईआर प्रयागराज में आवास विकास योजना के तहत राजकीय निर्माण निगम से बन रहे होम्योपैथिक भवन में अपेक्षित गुणवत्ता नहीं मिलने पर भी मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और निर्माण कार्यों की नियमित गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए। 20 गोशालाओं की होगी जांच पशुपालन विभाग की समीक्षा में अगले एक माह में मंडल की 20 गोशालाओं का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया। निरीक्षण में जलभराव, बीमार पशु, पशु मृत्यु, मृत पशुओं के निस्तारण, रखरखाव, हरे चारे, टीकाकरण और कर्मचारियों के भुगतान की स्थिति जांची जाएगी। चारों जिलों की गोशालाओं में गोबर प्रबंधन और निस्तारण की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है। सीवीओ को लगातार निरीक्षण कर फोटो मंडलायुक्त कार्यालय भेजने होंगे। मातृ मृत्यु पर आशाओं की तय होगी जवाबदेही स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रयागराज और फतेहपुर में मातृ मृत्यु की स्थिति अधिक पाए जाने पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए। सभी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। फतेहपुर में 57.6 और प्रतापगढ़ में 68.2 प्रतिशत संस्थागत प्रसव की स्थिति पर संबंधित सीएमओ से विस्तृत आंकड़े और कम प्रतिशत के कारणों की रिपोर्ट मांगी गई।

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