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सहारनपुर में वर्ल्ड हार्ट डे पर वरिष्ठ फिजिशियन एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव मिगलानी ने मंगलवार दोपहर दो बजे लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण हार्ट अटैक का खतरा लगातार बढ़ रहा है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। डॉ. मिगलानी के अनुसार, दुनिया में हृदय रोग मौत का प्रमुख कारण बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर चार में से एक मौत हृदय रोग के कारण होती है। यदि समय रहते बचाव के उपाय नहीं किए गए तो 2030 तक हर तीसरे व्यक्ति की मौत का कारण हृदय संबंधी बीमारी बन सकती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने इस साल की वर्ल्ड हार्ट डे की थीम ‘Don’t Miss a Beat’ यानी ‘एक भी धड़कन न चूके’ बताते हुए कहा कि लोग दिल के शुरुआती संकेतों को पहचानें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। डॉ. मिगलानी ने धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, खून में वसा बढ़ना, अनियंत्रित डायबिटीज, अत्यधिक तनाव व गुस्सा, आनुवंशिक कारण और अधिक शराब का सेवन हार्ट अटैक के प्रमुख जोखिम कारक बताए। उन्होंने कहा कि छाती के बीच दर्द, हाथ या गले तक दर्द पहुंचना, पसीना आना, उल्टी और सांस फूलना हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। हार्ट अटैक में शुरुआती घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। डॉ. मिगलानी ने बताया कि लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी, जंक फूड, मानसिक तनाव और डायबिटीज युवाओं में हृदय रोग का खतरा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने तली चीजों, वनस्पति घी, मैदा, अधिक वसायुक्त भोजन और जंक फूड से बचने की सलाह दी। हरी सब्जियां, सलाद, ताजे फल, साबुत अनाज और दालों को भोजन में शामिल करने को कहा। उन्होंने धूम्रपान और शराब से बचने, वजन नियंत्रित रखने, नियमित जांच कराने और बिना चिकित्सकीय सलाह दवा में बदलाव न करने की सलाह दी। साथ ही इस्तेमाल किए गए तेल को दोबारा गर्म कर भोजन बनाने से बचने की बात कही।
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युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा:धूम्रपान, तनाव और जंक फूड से बढ़ रहा दिल का रोग, सहारनपुर के विशेषज्ञ ने चेताया