सुजीत कुमार | बलरामपुर2 मिनट पहले
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बलरामपुर में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद बिगड़े हालात पर डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन लगातार नजर बनाए हुए हैं। राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर और तराई क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को देखते हुए डीएम ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह अलर्ट रहने तथा राहत-बचाव के लिए उपलब्ध संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देशन में अधिकारी और कर्मचारी लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और प्रभावित आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
डीएम ने नदी के जलस्तर के साथ-साथ जनपद के सभी संवेदनशील और निचले इलाकों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव के सभी इंतजाम पूरी तरह तैयार रखे जाएं।
प्रशासन ने संवेदनशील एवं निचले स्थलों पर एसडीआरएफ और पीएसी को बोट उपलब्ध करा दी हैं। इसका उद्देश्य आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान संचालित करना है। प्रशासन की नजर खास तौर पर नदी किनारे और जलभराव की आशंका वाले इलाकों पर बनी हुई है।
विद्युत विभाग की टीमें लगातार काम कर रही
इधर लगातार बारिश के बीच राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर 104.830 मीटर दर्ज किया गया है। पहाड़ी नालों में उफान आने के कारण तराई क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है।
अतिवृष्टि से प्रभावित विद्युत व्यवस्था को सामान्य करने के लिए विद्युत विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। जनपद के अधिकांश हिस्सों में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा चुकी है, जबकि शेष प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति जल्द शुरू कराने के लिए अतिरिक्त टीमें और संसाधन लगाए गए हैं।
विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल, तार, ट्रांसफॉर्मर और अन्य विद्युत संरचनाओं की मरम्मत में जुटी हैं।डीएम ने शेष प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
