अलीगढ़ में स्कूटी योजना में कालेजवार सिलेक्शन पर विवाद:109 सेलेक्टेड छात्राओं वाले कॉलेज से लेकर एक चयनित छात्र वाले संस्थान तक,जांच की मांग


राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की चयन सूची को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विश्वविद्यालय की कॉलेजवार सूची में चयनित छात्राओं की संख्या में बड़ा अंतर सामने आया है। अलीगढ़ के डीआरजी महाविद्यालय, धनीपुर से जहां 109 छात्राओं का चयन हुआ है, वहीं कई सरकारी और एडेड कॉलेजों से चयनित छात्राओं की संख्या एक से चार के बीच है। इसे लेकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने चयन प्रक्रिया, मेरिट और योजना के मानकों को सार्वजनिक करने की मांग की है। डीआरजी महाविद्यालय से 109 छात्राएं और श्री टीकाराम महाविद्यालय से एक का सिलेक्शन सूची के मुताबिक डीआरजी महाविद्यालय, धनीपुर से 109 छात्राएं चयनित हुई हैं। वहीं श्री टीकाराम कन्या महाविद्यालय, अलीगढ़ से सिर्फ एक, डीएस कॉलेज से 4 और चौ. चरण सिंह शिवधन सिंह पीजी कॉलेज, इगलास से एक छात्रा का चयन हुआ है। इसी तरह लालाराम श्री देवी महाविद्यालय और मां गायत्री इंस्टीट्यूट से भी एक-एक छात्रा चयनित हुई है। अलीगढ़ के ही विश्वकर्मा महाविद्यालय, टप्पल से 66, श्री लाला राम शर्मा मेमोरियल महाविद्यालय से 41, श्री कृष्ण महाविद्यालय से 28 और पं. श्री चंद शर्मा मेमोरियल पीजी कॉलेज से 26 छात्राओं का चयन हुआ है। एटा में भी चयन संख्या में बड़ा अंतर है। चौ. मुख्त्यार सिंह यादव महाविद्यालय से 94, डॉ. आरकेएस शिक्षण संस्थान से 87 और तारा चंद्र महाविद्यालय से 63 छात्राओं का चयन हुआ है। कासगंज में श्री शंकर सिंह महाविद्यालय से 52 और डॉ. इस्लाम मजीद डिग्री कॉलेज से 44 छात्राएं चयनित हुई हैं। शिक्षक संघ ने मेरिट और मानकों की जांच मांगी विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी और सरकार से वित्तपोषित कॉलेजों में पढ़ाई, शिक्षक और संसाधन होने के बावजूद वहां से चयनित छात्राओं की संख्या कम है, जबकि कुछ निजी कॉलेजों में यह संख्या दर्जनों से लेकर 100 से ज्यादा तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य चयनित छात्राओं की योग्यता पर सवाल उठाना नहीं है। मांग सिर्फ इतनी है कि चयन का आधार, मेरिट, परीक्षा परिणाम और योजना के पात्रता मानकों की पारदर्शी जांच हो। डॉ. सिंह ने बताया कि वह इस मामले में शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। 23 सितंबर को जारी हुई संशोधित सूची विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की ओर से 23 सितंबर को जारी पत्र में बताया गया कि सत्र 2025-26 के कुछ परीक्षार्थियों के परिणाम में पहले MW/Absent/PMW आदि दर्ज था। 22 सितंबर तक परिणाम संशोधित कराने वाले परीक्षार्थियों को संशोधित पात्रता सूची में शामिल किया गया। विश्वविद्यालय ने चयन प्रक्रिया के तहत छात्राओं से आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, अपार आईडी और अंकतालिका समेत जरूरी दस्तावेज जमा कराने और आधार सत्यापन कराने को कहा था। कुलपति बोले- शासन के मानकों के अनुसार हुआ चयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एनबी सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में चयन की पूरी प्रक्रिया शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार हुई है। किसी भी स्तर पर पक्षपात या भेदभाव नहीं किया गया है। कुलपति ने कहा कि यदि किसी को चयन प्रक्रिया पर संदेह है तो किसी भी स्तर पर इसकी जांच कराई जा सकती है।

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