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चित्रकूट जेल में बंद रहे मऊ सदर के विधायक अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत बानो की कथित अवैध मुलाकात मामले में सोमवार को बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अब्बास अंसारी और निकहत कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, जबकि मामले के अन्य आरोपियों के वकीलों ने उनकी हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र दाखिल किए। मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। पूर्व सपा नेता फराज खान का प्रार्थना पत्र निरस्त समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री फराज खान द्वारा दाखिल डिस्चार्ज (बरी करने के) प्रार्थना पत्र पर हुई बहस के बाद अदालत ने उसे खारिज कर दिया। जिला अपर शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी के अनुसार, इस प्रार्थना पत्र पर 18 सितंबर को करीब 15 मिनट बहस हुई थी। जेल वार्डर ने दाखिल किया डिस्चार्ज आवेदन आगरा सेंट्रल जेल में बंद तत्कालीन जेल वार्डर जगमोहन को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच बांदा कोर्ट लेकर पहुंची। जगमोहन ने अदालत में खुद को मुकदमे से डिस्चार्ज किए जाने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया। विधायक का चालक नियाज अहमद (ललक) कोर्ट में उपस्थित रहा। सख्त रुख के बाद लाया गया जेल वार्डर पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जेल वार्डर जगमोहन को पेश न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने आगरा जेल के जेलर को आदेशों की अवहेलना न करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद सोमवार को पुलिस कड़े कड़े पहरे में जगमोहन को लेकर बांदा पहुंची। इससे पूर्व 27 अगस्त की सुनवाई में भी आरोपियों के पेश न होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था। क्या है पूरा मामला? 10 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल में बंद अब्बास अंसारी से उनकी पत्नी निकहत की अवैध मुलाकात की सूचना पर तत्कालीन डीएम और एसपी ने जेल में औचक छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान निकहत नियमों के विपरीत जेल अधीक्षक के कमरे में पाई गई थीं। इसके बाद कर्वी कोतवाली में अब्बास अंसारी, निकहत, चालक ललक नियाज, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, कैंटीन संचालक नवनीत सचान, फराज खान और शाहबाज समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच शासन स्तर से गठित एसआईटी (SIT) द्वारा की गई थी।
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अब्बास अंसारी-निकहत बांदा कोर्ट नहीं पहुंचे:तत्कालीन वार्डर को आगरा जेल से लाया गया, चित्रकूट जेल में अवैध मुलाकात का मामला