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लखीमपुर खीरी में मानदेय बढ़ाने, सेवा नियमित करने और काम के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को समूह सखियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं डीएम कार्यालय पहुंचीं और मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाएं डीएम अंजनी कुमार सिंह की गाड़ी के सामने पहुंच गईं और उसे रोककर अपनी समस्याएं बताईं। डीएम ने उनकी बातें सुनीं और मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। 2 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपए मानदेय की मांग समूह सखियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में केवल 2 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता है। उन्होंने इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की। इसके साथ ही सेवाओं को स्थायी या नियमित करने की मांग भी उठाई। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से कई जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें कम मानदेय मिल रहा है। कई बार मांग उठाने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं होने का उन्होंने आरोप लगाया। बचत खाते से लेकर लोकोस एप पर डाटा दर्ज करने का काम समूह सखियों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़े कामों में सहयोग करती हैं। गांवों में समूहों से जुड़ी महिलाओं तक योजनाओं और सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ बचत खाते खुलवाने, समूह की बचत जमा कराने और बैठकों का आयोजन कराने की जिम्मेदारी भी निभाती हैं। इसके अलावा लोकोस एप पर जरूरी विवरण दर्ज करने, फैमिली आईडी बनवाने और केवाईसी कराने समेत अन्य कार्य भी उनके जिम्मे होने की बात कही गई। महिलाओं ने कहा कि इन कार्यों के लिए उन्हें पर्याप्त तकनीकी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते। टैबलेट, रिचार्ज और मुफ्त बीमा की मांग समूह सखियों ने लोकोस एप पर काम करने के लिए टैबलेट या मोबाइल फोन और रिचार्ज की सुविधा देने की मांग की। इसके साथ ही मानदेय सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में भेजने, निशुल्क बीमा कराने, ड्रेस और पहचान पत्र उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। डीएम की गाड़ी रोककर बताईं समस्याएं प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाएं डीएम अंजनी कुमार सिंह की गाड़ी के सामने पहुंच गईं और उसे रोक लिया। उन्होंने डीएम को अपनी समस्याओं और मांगों के बारे में बताया। डीएम ने उनकी बातें सुनकर मांगों को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया। वहीं, एसडीएम तनवीर अहमद ने समूह सखियों से ज्ञापन लिया। ज्ञापन सौंपने के बाद भी महिलाएं काफी देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी करती रहीं। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा और मांगों पर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस पहुंची तो वापस लौटीं महिलाएं स्थिति को देखते हुए शहर कोतवाल समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं धीरे-धीरे कलेक्ट्रेट से वापस लौट गईं। इस दौरान प्रदर्शन में संगीता शर्मा, अमिता वर्मा, रुचि, सोनी, रीमा, आरती, पांडे, पूनम देवी, कश्मीरा देवी और कुसुम सिंह समेत बड़ी संख्या में समूह सखियां मौजूद रहीं।
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मानदेय बढ़ाने को लेकर समूह-सखियों का प्रदर्शन,डीएम की गाड़ी रोकी:20 हजार मानदेय और 7 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में नारेबाजी