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महराजगंज जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कई नदियां उफान पर पहुंच गई हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शनिवार 11 बजे जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने फरेंदा तहसील क्षेत्र में पहुंचकर नदियों के जलस्तर और तटबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जलस्तर और बाढ़ की तैयारियों की जानकारी ली। डीएम ने बेलसड़-रिगौली तटबंध का निरीक्षण कर उसकी स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने महाव नाला का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए अधिकारी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जाए। तटबंधों और नदी के किनारे के क्षेत्रों में किसी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल सूचना दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए उससे निपटने में जुट जाएं। उधर, शनिवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 2.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में नदियों के जलस्तर को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। वहीं चंदन, प्यास, महाव, रोहिन, त्रिमुहानी, रोहिन बैराज और रतनपुर समेत कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंचने की स्थिति बताई गई है। जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर इससे नदी किनारे बसे गांवों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से सिंचाई विभाग, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की निगरानी के बीच नदी क्षेत्रों में जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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महराजगंज में बढ़ा बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट:डीएम ने तटबंधों और नालों का जायजा लिया