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भगवान श्री रंगनाथ भगवान का 3 दिवसीय नौका उत्सव गुरुवार शाम को संपन्न हो गया। नौका उत्सव में भगवान श्री रंगनाथ प्रतिदिन शाम को नौका में माता गोदा ( लक्ष्मी) जी के साथ विराजमान हुए और नौका विहार कर भक्तों को दर्शन दिए। इस दौरान भक्तों ने भजन गाकर और बांसुरी बजाकर भगवान की आराधना की। स्वर्ण पालकी में विराजमान होकर निकली सवारी भगवान रंगनाथ जी माता गोदा जी के साथ गुरुवार शाम को गर्भ गृह से स्वर्ण पालकी में विराजमान हुए। इसके बाद परम्परागत वाद्य यंत्र और वैदिक मंत्रों के मध्य भगवान की सवारी मंदिर में भ्रमण करते हुए पुष्करिणी सरोवर पर पहुंची। जहां भगवान को रंग बिरंगी लाइटों और फूलों से सुसज्जित नौका में भगवान को विराजमान किया गया। इसके बाद भगवान की आरती की गई। पुष्करिणी सरोवर में किया बिहार नौका में विराजमान होने के बाद भगवान को पुष्करिणी सरोवर में बिहार कराया गया। भगवान ने नौका विहार करते हुए पुष्करिणी सरोवर के 7 चक्कर लगाए। इस दौरान भगवान के दर्शनों के लिए भक्तों में उत्साह देखने को मिला। भक्त भगवान की एक झलक पाने को आतुर थे। भगवान के नौका बिहार के दौरान बांसुरी वादक मनोज जी ने उनकी बांसुरी के जरिए भजन की तान छेड़कर आराधना की। इसके बाद भगवान को भक्तों ने भजन सुनाए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान रंगनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। वामन भगवान के स्वरूप में दिए दर्शन 3 दिवसीय नौका उत्सव के दूसरे दिन भगवान श्री रंगनाथ ने वामन भगवान के स्वरूप में दर्शन दिए थे। भगवान ने एक हाथ में कमंडल और दूसरे में छत्री धारण की हुई थी। भगवान के वामन अवतार स्वरूप में दर्शन भक्त अपने को धन्य महसूस कर रहे थे। वहीं उत्सव के तीसरे दिन भगवान ने दूल्हा स्वरूप में दर्शन दिए। इस दौरान उन्होंने पगड़ी धारण की।
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3 दिवसीय नौका उत्सव हुआ सम्पन्न:फूलों से सजी नाव में विराजे भगवान रंगनाथ, गायन और वादन के जरिए भक्तों ने की आराधना