बृजभूषण और बाबा रामदेव का खत्म हुआ पुराना विवाद:दिल्ली में मुलाकात, संतों की मध्यस्थता से गिले-शिकवे दूर किए


पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच चल रहा विवाद बुधवार को खत्म हो गया। दोनों ने दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मुलाकात की और आपसी गिले-शिकवे दूर किए। इससे पहले 18 सितंबर को फोन पर हुई बातचीत में ही दोनों के बीच मामला खत्म करने पर सहमति बन गई थी। इस बातचीत में अयोध्या और गोंडा के संतों ने मध्यस्थता की थी। विवाद खत्म कराने में अयोध्या के संत राजकुमार दास, गोंडा के दाऊजी महाराज और चित्रकूट धाम के महंत आलोक कुमार दास की भूमिका बताई जा रही है। दोनों पक्षों के करीबियों के मुताबिक, वे विवाद को लंबा खींचने से होने वाले आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचना चाहते थे। बाबा रामदेव ने विवाद खत्म होने की घोषणा के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी भी की थी। विवाद खत्म कराने की पहल संतों की बातचीत के बाद आगे बढ़ी। महंत राजकुमार दास और महंत आलोक कुमार दास ने पहले बाबा रामदेव से बात की। इसके दो दिन बाद 18 सितंबर को दोनों संत बृजभूषण शरण सिंह से मिले और पूरे मामले पर बातचीत की। इसके बाद महंत राजकुमार दास ने बाबा रामदेव को फोन किया और बृजभूषण से बात कराने को कहा। फोन पर बृजभूषण ने बाबा रामदेव को प्रणाम किया और बाबा रामदेव ने उन्हें आशीर्वाद दिया। दोनों के बीच बातचीत के बाद दिल्ली में आमने-सामने मिलने की तारीख तय हुई। जगह दिल्ली पहुंचने के बाद तय करने की बात हुई थी। दिल्ली में आमने-सामने मिले, खत्म किए गिले-शिकवे बुधवार को बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली पहुंचे। यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में उनकी बाबा रामदेव से मुलाकात हुई। दोनों ने बातचीत कर विवाद को खत्म कर दिया। दोनों के करीबियों का कहना है कि वे इस मामले को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। उनका कहना है कि मामला लंबा चलने पर दोनों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ सकता था। इसी वजह से बातचीत के जरिए विवाद खत्म करने का रास्ता चुना गया।
मानहानि मुकदमे के बीच बढ़ी थी हलचल विवाद के बीच 16 सितंबर को इंदौर हाईकोर्ट में पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर 50 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में उनके अधिवक्ता से जवाब मांगे जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के करीबियों के बीच बातचीत तेज हुई। बृजभूषण के करीबियों का यह भी कहना है कि अलग-अलग जगहों पर हुई जांच में पतंजलि के घी को नकली साबित नहीं किया गया था, जबकि कुछ जगह मिलावट की बात सामने आई थी। यह दावा मामले से जुड़े पक्षों की ओर से रखा गया है। वहीं, बृजभूषण के बयानों के बाद पतंजलि के उत्पादों की खरीद पर असर पड़ने की बात भी उनके करीबियों ने कही। बाबा रामदेव बोले- तीन दिन पहले बृजभूषण ने फोन किया था बाबा रामदेव ने बुधवार को एक इंटरव्यू में कहा कि तीन दिन पहले बृजभूषण शरण सिंह ने उन्हें फोन किया था। उनके मुताबिक, बृजभूषण ने बातचीत में कहा कि अब तक की सारी बातें खत्म कर देते हैं। बाबा रामदेव ने भी इस पर सहमति जताई। बाबा रामदेव ने बताया कि अयोध्या के संत राजकुमार दास और दाऊजी महाराज ने दोनों पक्षों के बीच संवाद कराया। संतों ने दोनों से विवाद खत्म करने की बात कही। इसके बाद फोन पर बातचीत हुई और फिर दोनों की दिल्ली में मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद दोनों पक्षों ने विवाद खत्म करने की घोषणा की।

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