CCTV खोलेगा दरोगा की पत्नी की मौत का राज:अब मौत से पहले और बाद के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ेगी पुलिस, फ्लैट की फॉरेंसिक जांच भी अहम


प्रयागराज के धूमनगंज में दरोगा जितेंद्र सिंह की पत्नी कंचन शर्मा की मौत की जांच अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी लगना सामने आई है और शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसके बावजूद मायके पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस के सामने घटना से पहले और बाद के पूरे घटनाक्रम को वैज्ञानिक साक्ष्यों से जोड़ने की चुनौती है।
पुलिस अब यह देखेगी कि कंचन की मौत से पहले फ्लैट में क्या हुआ, घटना की सूचना किस समय और किस तरह दी गई, घटनास्थल पर कौन-कौन मौजूद था और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य क्या बताते हैं।
1. CCTV से पता चलेगा- फ्लैट तक कौन आया-गया
जांच का पहला अहम एंगल अपार्टमेंट का CCTV रिकॉर्ड है। पुलिस यह पता करेगी कि घटना से पहले और बाद में फ्लैट के आसपास कौन-कौन आया और गया। कंचन के मायके वालों के आने-जाने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक की फुटेज घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने में मदद कर सकती है।
पिता की ओर से CCTV रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग भी की गई है। ऐसे में पुलिस के लिए उपलब्ध बैकअप को सुरक्षित कर उसकी जांच कराना महत्वपूर्ण होगा।
2. मोबाइल से खुलेगी मौत से पहले की बातचीत
कंचन और जितेंद्र के मोबाइल फोन की जांच भी विवेचना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। पुलिस कॉल डिटेल, अंतिम फोन कॉल, मैसेज और व्हाट्सएप चैट की पड़ताल कर सकती है।
खास तौर पर मौत से पहले कंचन की किन लोगों से बातचीत हुई, किसे फोन किया गया और घटना के दौरान जितेंद्र का मोबाइल कहां सक्रिय था, इन जानकारियों से घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार की जा सकती है।
3. घटना की टाइमलाइन से मिलाए जाएंगे बयान
पुलिस अब मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम तैयार कर सकती है। इसमें कंचन के माता-पिता के अपार्टमेंट से निकलने का समय, पति-पत्नी के बीच विवाद, कंचन के कमरे में जाने का समय, दरवाजा खुलने की स्थिति, पुलिस को सूचना और पुलिस के मौके पर पहुंचने का समय शामिल होगा।
इसके बाद अलग-अलग लोगों के बयानों को इस टाइमलाइन से मिलाया जाएगा। किसी बयान और डिजिटल रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर पुलिस उसी बिंदु की अलग से जांच करेगी।
4. फॉरेंसिक टीम के साक्ष्य भी जांच का आधार
घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने फ्लैट से फिंगरप्रिंट समेत अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। इनकी रिपोर्ट को घटनास्थल की स्थिति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलाया जाएगा।
फंदे, कमरे, दरवाजे और आसपास के स्थान से मिले साक्ष्यों की जांच यह स्पष्ट करने में मदद कर सकती है कि घटनास्थल पर किसी तरह की छेड़छाड़ हुई थी या नहीं।
5. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल का मिलान
पोस्टमार्टम में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिलने की बात भी पुलिस ने कही हैं। जबकि पिता ने बेटी के शव पर चोटों के निशान होने का दावा किया है। अब पुलिस यह देखेगी कि पोस्टमार्टम में सामने आए चिकित्सकीय तथ्य घटनास्थल की स्थिति से मेल खाते हैं या नहीं।
6. घटना से पहले के विवाद की भी होगी पड़ताल
पुलिस पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद की वजह और अवधि की भी जानकारी जुटाएगी। इसके लिए परिवार के सदस्यों के साथ-साथ उन लोगों के बयान लिए जा सकते हैं, जिन्हें दोनों के बीच विवाद की जानकारी थी।
मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुराने मैसेज, फोन बातचीत, परिजनों को की गई शिकायतों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
अफसर बोले, निष्पक्ष विवेचना होगी
धूमनगंज एसीपी रवि कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह सामने आ चुकी है, लेकिन मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों से होगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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