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मेरठ में एक ग्रामीण घायल नीलगाय के बच्चे को लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गया। युवक का आरोप है कि उसे स्थानीय पशु अस्पताल में इलाज नहीं मिला और वन विभाग ने भी फोन का जवाब नहीं दिया। इसके बाद वह बच्चे को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचा। युवक हरिसिंह सैनी ने बताया कि वह कल शाम जंगल गया था। वहां कुत्तों का एक झुंड नीलगाय के बच्चे पर हमला कर रहा था। उन्होंने बच्चे को कुत्तों से बचाया और अपने घर ले आए। बच्चा जख्मी हो गया था। हरिसिंह ने पहले बच्चे पर हल्दी और तेल लगाया। इसके बाद वह उसे स्याना के पशु अस्पताल लेकर पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला और अस्पताल की हालत भी बहुत खराब थी। उन्हें लगा कि महीनों से वहां कोई डॉक्टर नहीं आया है। इलाज न मिलने पर हरिसिंह ने वन विभाग को भी फोन किया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। कई प्रयासों के बाद भी जब बच्चे का उपचार नहीं हो पाया, तो उन्होंने उसे डीएम कार्यालय ले जाने का फैसला किया। डीएम कार्यालय पहुंचकर हरिसिंह ने अधिकारियों से नीलगाय के बच्चे के इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि वह भावनपुर के स्वास्थ्य केंद्र भी गए थे, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि यह इंसानों के इलाज के लिए है।
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घायल नीलगाय के बच्चे को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचा ग्रामीण:अस्पताल में इलाज नहीं मिला, वन विभाग ने भी नहीं उठाया फोन