![]()
आगरा में भाजपा नामित पार्षद सुनील करमचंदानी ने नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के चैंबर में धरना दिया। वे नगर आयुक्त के सामने जमीन पर बैठ गए। गुस्साए पार्षद ने नगर निगम पर बाजार में शौचालय निर्माण की फाइल को मंजूर करवाने के लिए 5 महीने से चक्कर कटवाने के आरोप लगाए। वहीं, इसी प्रस्ताव को जब बसपा पार्षद ने लगाया तो उसे मंजूरी दे दी गई। इस पर भाजपा पार्षद का गुस्सा भड़क गया।
उन्होंने कहा, भाजपा सरकार में भाजपा पार्षदों की अनदेखी की जा रही है। अधिकारी उनके प्रस्तावों को तवज्जो नहीं दे रहे। अब विस्तार से पढ़िये…
आगरा नगर निगम के नामित पार्षद सुनील करमचंदानी ने बुधवार दोपहर लगभग 1 बजे नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के चैंबर में धरना दिया। उनका कहना था कि शाहगंज बाजार में शौचालय निर्माण को लेकर अप्रैल में प्रस्ताव दिया था। तब से अधिकारी उन्हें नगर निगम के चक्कर कटवा रहे हैं लेकिन फाइल को मंजूरी को नहीं दी है।
इसी काम को लेकर बसपा पार्षद ने अगस्त में नगर निगम में प्रस्ताव लगाया था। अब उनके प्रस्ताव को अधिकारियों ने मंजूरी दे दी। इसकी जानकारी जब भाजपा के नामित पार्षद सुनील करमचंदानी को हुई तो उनका आक्रोश भड़क गया। भाजपा पार्षद के धरने की 2 तस्वीरें… अधिकारियों ने पार्षद को मनाया
सुनील करमचंदानी अपने प्रस्ताव की फाइल लेकर नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के चैंबर में पहुंचे। उन्होंने अपने हंगामा खड़ा कर दिया। वे नगर आयुक्त के चैंबर में जमीन पर बैठ गए। अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए बसपा पार्षद के प्रस्ताव पर टेंडर पास कराने का आरोप लगाया।
उन्होंने अधिकारियों पर विपक्षी दल के पार्षद के साथ साठगांठ का आरोप लगाया। इस पर नगर आयुक्त ने अपने अधिकारियों से जानकारी मांगी। इसके साथ ही पार्षद को समझाबुझ कर जमीन से उठाकर कुर्सी पर बैठाया।
भाजपा पार्षद का कहना है, शाहगंज बाजार में शौचालय की जरूरत है। इसी के निर्माण के लिए उन्होंने 5 महीने पहले नगर निगम में प्रस्ताव लगाया था। मगर, अधिकारियों ने उनके प्रस्ताव की अनदेखी कर दी। बाद में जब बसपा पार्षद ने प्रस्ताव लगाया तो उसे मंजूरी दे दी।
Source link
आगरा नगर आयुक्त के सामने जमीन पर बैठे भाजपा पार्षद:उनके प्रस्ताव की अनदेखी कर बसपा पार्षद के प्रस्ताव को मंजूरी देने का आरोप