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आपराधिक मामले में गवाही के लिए बार-बार बुलाए जाने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर अलीगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर डीके सिसौदिया के खिलाफ हाथरस की अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंस्पेक्टर को 6 अक्टूबर तक गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए। मामले में हाथरस पुलिस की ओर से अलीगढ़ पुलिस को भी न्यायालय के आदेश की जानकारी भेजी जा रही है।
पिछले सप्ताह ही मिली है गोंडा थाने की कमान
इंस्पेक्टर डीके सिसौदिया लंबे समय से अलीगढ़ जिले में तैनात हैं। वर्तमान में वह गोंडा थाने के प्रभारी हैं। खास बात यह है कि पिछले सप्ताह ही उनका तबादला/स्थानांतरण महुआखेड़ा थाने से गोंडा थाना प्रभारी के पद पर किया गया था। इससे पहले वह अलीगढ़ के महुआखेड़ा, अकराबाद, खैर और देहलीगेट समेत कई थानों में प्रभारी रह चुके हैं।
समन के बाद भी नहीं पहुंचे तो कोर्ट ने उठाया कड़ा कदम
बताया जा रहा है कि एक आपराधिक मामले में डीके सिसौदिया की गवाही होनी थी। अदालत की ओर से उन्हें गवाही के लिए लगातार आदेश और समन जारी किए गए, लेकिन वह निर्धारित तारीखों पर कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। लगातार अनुपस्थिति के बाद अदालत ने अब गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश कराने का आदेश दिया है।
अब 6 अक्टूबर को हाथरस कोर्ट में देनी होगी गवाही
न्यायालय के आदेश की जानकारी अलीगढ़ पुलिस तक पहुंचने के बाद अब इंस्पेक्टर सिसौदिया के स्तर से भी 6 अक्टूबर को हाथरस कोर्ट में उपस्थित होकर गवाही देने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के स्तर से भी आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लंबे समय से अलीगढ़ में तैनात रहे इंस्पेक्टर के खिलाफ कोर्ट की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब उन्हें हाल ही में महुआखेड़ा से हटाकर जिले के गोंडा थाने की कमान सौंपी गई है। इस संबंध में इगलास सर्किल के सीओ कमलेश कुमार बताते हैं कि न्यायालय में नियत समय पर गवाही के लिए इंस्पेक्टर को भेजा जाएगा।
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गवाही को नहीं पहुंचे अलीगढ़ के इंस्पेक्टर, NBW जारी:हाथरस न्यायालय ने 6 अक्टूबर तक गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश