नीले ड्रम में बिक रहा था चोरी का पेट्रोल-डीजल:गोरखपुर में पकड़े गए 4 टैंकर चालक, 90 रुपये लीटर बेच रहे थे तेल


गोरखपुर में नीले ड्रम में चोरी का पेट्रोल-डीजल भरकर बेचने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार शाम गिरफ्तार किया है। आरोपी 102 रुपये लीटर पेट्रोल का रेट कम कर 90 रुपये में बेच देते थे। चिलुआताल पुलिस और एंटी थेफ्ट की संयुक्ट टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपियों की पहचान महराजगंज जिले के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर निवासी रामदेव, खोराबार के प्यासी बाजार निवासी तारकेश्वर, गुलरिहा के बेलवारायपुर निवासी शिव कुमार और चौरीचौरा के बंसहिया निवासी अनंत के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी का तेल रखने के लिए हमेशा नीला ड्रम ही इस्तेमाल करते थे। इससे पकड़े जाने का खतरा कम था। घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को उपनिरीक्षक आशीष सिंह पुलिस टीम के साथ मजनू चौकी क्षेत्र में गश्त और वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान जमुआड अंडरपास के पास टिनशेड में टैंकर सेडीजल-पेट्रोल चोरी किए जाने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने मौके पर पहुंचकर टिनशेड की घेराबंदी की। वहां चार लोग टैंकर से पाइप के जरिये बाल्टी में पेट्रोल निकालते मिले। पुलिस ने मौके से चारों को पकड़ लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच नीले ड्रमों में रखा करीब 600 लीटर पेट्रोल, 20 लीटर की प्लास्टिक बाल्टी, कीप, पाइप और टैंकर बरामद किया है। अंडरपास के निकट से निकालते थे पेट्रोल स्थानीय लोगों के मुताबिक, जंगल कौड़िया-कालेसर फोरलेन किनारे जमुआड़ गांव के अंडरपास के पास पेट्रोलियम से भरे टैंकर अक्सर एक चहारदीवारी के अंदर जाते थे। आरोप है कि इसी दौरान टैंकर से तेल निकाला जाता था। इसके बाद टैंकर चहारदीवारी से बाहर निकलकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाता था। करीब एक साल पहले यहां तेल चोरी का वीडियो भी वायरल हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध तरीके से तेल खरीदने वाले लोग यहां पहुंचते थे और पांच से 15 रुपये प्रति लीटर सस्ता डीजल और पेट्रोल बेचा जा रहा था। आरोपियों ने स्वीकार किया अपना जुर्म पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपनी जुर्म स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि टैंकर में 4000 लीटर पेट्रोल और 8000 लीटर डीजल लेकर निकलते हैं। हमलोग रास्ते में टैंकर सुरक्षित जगह रोककर उसमे से पेट्रोल और डीजल चोरी कर नीले ड्रम में रख देते थे। इसके बाद उसे 10 से 15 रुपये कम कर बेच देते थे। इससे अच्छा फायदा होता था।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *