पूर्व जिपंस हत्याकांड में 50 हजार का इनामी गिरफ्तार:प्रयागराज में 13 महीने से फरार था, बोला- हत्या के बाद ट्रैक पर रख दी थी लाश


प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव हत्याकांड में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि पासी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। नवाबगंज थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में वांछित रवि करीब 13 महीने से फरार चल रहा था। एसटीएफ ने मंगलवार शाम उसे सिविल लाइंस में एजी ऑफिस चौराहे के पास चाय की दुकान के सामने से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में रवि ने बताया कि 22 अगस्त 2025 को उसके साथी राम सिंह, उदय सिंह आदि ने रणधीर यादव का अपहरण किया था। इसके बाद उसे फाफामऊ पुल के पास ले जाकर हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए शव को बमरौली रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया। ट्रेन आने के बाद शव कई हिस्सों में कट गया। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। एजी ऑफिस चौराहे से पकड़ा गया रवि
एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज को फरार और इनामी आरोपियों की तलाश के दौरान रवि पासी के सिविल लाइंस क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। रवि मूल रूप से नीवा, धूमनगंज का रहने वाला है। एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में उसने रणधीर के अपहरण और हत्या की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। उसने यह भी बताया कि पहले वह लूट और चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। प्रयागराज के अलावा रायबरेली और प्रतापगढ़ में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी एसटीएफ ने दी है। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि उसे नवाबगंज थाने में दाखिल कर दिया गया है।
22 अगस्त की शाम स्कार्पियो से निकले थे रणधीर
हथिगंहा मोहम्मदपुर, नवाबगंज निवासी रणधीर यादव 22 अगस्त 2025 की शाम करीब 5 बजे अपनी स्कार्पियो से घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनकी पत्नी बबली यादव ने नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
जांच के दौरान रणधीर की स्कार्पियो चित्रकूट में बरामद हुई। इससे पुलिस का शक गहराया। इसी बीच 23 अगस्त को पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बाद में रणधीर के पिता रामअभिलाष यादव ने कपड़ों और तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान रणधीर के रूप में की। इसलिए की थी हत्या
पुलिस की जांच में सामने आया था कि रणधीर यादव और उदय यादव पहले करीबी दोस्त थे। पुलिस के मुताबिक, रणधीर के उदय की पत्नी अंजली यादव से संबंध थे। करीब दो महीने पहले तीनों के नैनीताल जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। आरोप है कि वहां उदय ने रणधीर और अंजली को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था।
नैनीताल से लौटने के बाद अंजली अपने मायके उमरपुर नींवा चली गई थी। पुलिस के मुताबिक, वहां भी उसका रणधीर से संपर्क बना रहा। इसी दौरान 11 जुलाई को अंजली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था।
पुलिस जांच के मुताबिक, अंजली की मौत और रणधीर के साथ उसके संबंध को लेकर परिवार में नाराजगी थी। इसी वजह से उदय यादव ने अपने भाई विजय यादव, मां लीला यादव और सहयोगी रामसिंह यादव के साथ मिलकर रणधीर को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
शराब पिलाकर बेहोश किया, फिर गला दबाकर हत्या
जांच में सामने आया कि 22 अगस्त को रामसिंह यादव ने रणधीर को शराब पिलाई। उसके बेहोश होने के बाद उदय यादव, विजय यादव और उनके नौकर सुजीत श्रीवास्तव ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया। आरोपियों को उम्मीद थी कि ट्रेन से कटने के बाद शव की पहचान मुश्किल हो जाएगी। दूसरी तरफ रणधीर की स्कार्पियो को भी नष्ट करने की कोशिश की गई। आरोपी गाड़ी को चित्रकूट ले गए, लेकिन रास्ते में गाड़ी फंस जाने के कारण उसे वहीं छोड़कर भाग निकले।
दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके
रणधीर हत्याकांड की जांच में नवाबगंज पुलिस ने रामसिंह यादव को भगौतीपुर चौराहे से और लीला यादव को उमरपुर नींवा से गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच में अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसी मामले में रवि पासी भी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

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