साइबर अपराधियों का साम्राज्य ध्वस्त करेगी वाराणसी पुलिस:सीपी ने 15 दिन में थानों से मांगी रिपोर्ट, 58 गैंग किए लिस्टेड


वाराणसी में साइबर ठगी की शिकायतों और कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस अब कठोर से कठोर एक्शन लेगी। अपराधियों को मात देने के लिए वाराणसी की साइबर क्राइम टीम अपनी पुलिसिंग में भी बदलाव करेगी। कार्रवाई के बाद गिरफ्तार हुए साइबर अपराधियों की केस फाइल उनके जेल जाने के बाद बंद नहीं होगी बल्कि नेटवर्क और साम्राज्य पर एक्शन जारी रहेगा। अपराधियों के साथ ही उनके मददगारों को दूसरे फेज में गिरफ्तार किया जाएगा। तीसरे फेज में उनकी संपत्तियों और अन्य स्रोतों पर कार्रवाई की जाएगी। अब सिर्फ ठगी करने वाले नहीं, बल्कि म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले, फर्जी सिम बेचने वाले, फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले और ATM से ठगी की रकम निकालने वाले पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाए। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जिले में चिह्नित हुए साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिसिंग में बदलाव लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए साइबर टीम ने ब्लूप्रिंट भी रखा, जिसमें कुछ सुझाव के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। सीपी ने तीनों जोन साइबर प्रभारियों को प्रत्येक 15 दिन में लंबित केसों की समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट तलब की है। साथ ही चिह्नित लोकल अपराधियों की निगरानी करने और उनके नंबरों को ट्रैस करने की बात कही। 58 गैंग का पर्दाफाश, 277 साइबर ठग दबोचे साइबर क्राइम टीम ने एक साल में कमिश्नरेट पुलिस की कामयाबी के साथ रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया। बताया कि पिछले एक साल में साइबर क्राइम पुलिस ने 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। डिजिटल अरेस्ट के 5 बड़े मामलों में 36 अपराधियों को पकड़ा गया और उनके पास से 1.20 करोड़ रुपये, कार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गैंग निवेश, विदेशी नागरिकों से ठगी और नौकरी के नाम पर ठगी करते थे।साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया गया। 25 करोड़ होल्ड कराए, 4.5 करोड़ वापस दिलाए साइबर टीम ने बताया कि वित्तीय कार्रवाई में 25 करोड़ रुपये की ठगी की रकम को होल्ड कराया गया। प्रक्रिया पूरी कर 4.5 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले 10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए। 21 शातिरों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया। ठगों के जाल में फंसे 550 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया और 17 चार पहिया वाहन बरामद किए गए।सीपी ने बताया कि जागरूकता अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और चौराहों पर 25 हजार से ज्यादा लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए हैं। साइबर क्राइम की मीटिंग में डीसीपी अपराध नीतू, डीसीपी राजेश कुमार पाण्डेय, एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र सहित सभी जोन के साइबर प्रभारी और साइबर नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

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