![]()
कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव में सड़क से जानवर हटाने को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने एक युवक को लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पांच दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सोमवार को उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची बिधनू पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं। गाय-भैंस चराकर लौट रहा था युवक बिधनू के दयालपुर कटारा गांव निवासी जितेंद्र सिंह (40) किसान परिवार से था। बड़े भाई अरविंद सिंह के मुताबिक, बीते गुरुवार को जितेंद्र रोज की तरह घर में पली गाय और भैंस चराने के लिए करीब दो किलोमीटर दूर सिंहपुर गांव के पास गया था। शाम करीब पांच बजे वह सभी जानवरों को लेकर घर लौट रहा था। सिंहपुर गांव के पास वह जानवरों को सड़क किनारे से लेकर निकल रहा था। इसी दौरान सिंहपुर निवासी शिवबालक पुत्र स्व. नुकूल, सूरज पुत्र गेंदा लाल और माखन उर्फ अभिषेक पुत्र करन सिंह एक ही बाइक से वहां से गुजरे। आरोप है कि बाइक चला रहे शिवबालक ने हॉर्न बजाते हुए जितेंद्र से जानवर जल्दी हटाने को कहा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर तीनों ने घेरकर पीटा अरविंद का आरोप है कि जितेंद्र ने गाली देने का विरोध किया तो तीनों आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। अभिषेक ने सड़क किनारे पड़े डंडे से जितेंद्र पर हमला किया। इसके बाद तीनों ने लात-घूंसों से भी उसे जमकर पीटा। मारपीट में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के दौरान आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने शोर मचाते हुए आरोपियों को ललकारा तो तीनों बाइक से मौके से भाग निकले। किसानों ने जितेंद्र को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा तो उसके परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। खून से लथपथ भाई को देख परिजनों के उड़े होश सूचना मिलते ही अरविंद समेत परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। जितेंद्र की हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और आनन-फानन में घायल को बिधनू सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे स्वरूप नगर स्थित वेदांता अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, वेदांता अस्पताल में जितेंद्र का करीब पांच दिन तक इलाज चला। सोमवार सुबह करीब 11 बजे हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित एक निजी अस्पताल में ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में जितेंद्र ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी की दो साल पहले हो चुकी है मौत जितेंद्र पांच भाइयों में से एक था। परिवार के मुताबिक उसकी मां मुन्नी देवी की करीब दो साल पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। जितेंद्र की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने उसे मरणासन्न हालत में छोड़ दिया था और पांच दिन तक उसका अस्पताल में इलाज चलता रहा। गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है। टीमें आरोपियों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
Source link
कानपुर में जानवर हटाने को लेकर युवक की पीट-पीटकर हत्या:बिधनू में दबंगों ने लाठी-डंडों से पीटा, 5 दिन इलाज के बाद मौत