Skip to content
Monday, September 21, 2026
  • Home
  • business
  • crime
  • india
  • politics
  • rashifal
  • sports
  • tech
  • uttar pradesh
  • Uttarakhand
  • videsh

chaupal khabar

Random posts
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Home
  • business
  • crime
  • india
  • politics
  • rashifal
  • sports
  • tech
  • uttar pradesh
  • Uttarakhand
  • videsh

chaupal khabar

Random posts
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Home
  • india
  • ममता गुट ने पार्टी का नया लोगो जारी किया:वोटरों को पहचान कराने की कोशिश, 6 अक्टूबर को उपचुनाव की वोटिंग होगी
  • india

ममता गुट ने पार्टी का नया लोगो जारी किया:वोटरों को पहचान कराने की कोशिश, 6 अक्टूबर को उपचुनाव की वोटिंग होगी

rrshuklaji@gmail.com2 hours ago01 mins


ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने सोमवार को नया लोगो जारी कर दिया। इसमें अंतरिम चुनाव चिह्न के तौर पर फुटबॉल खिलाड़ी बना है। लोगो के बीच में फुटबॉल खिलाड़ी है। इसके चारों ओर नीले बैकग्राउंड पर सफेद रंग में ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ लिखा है। डिजाइन में केसरिया, सफेद और हरे रंग भी शामिल किए गए हैं। चुनाव आयोग ने फिलहाल पार्टी का पुराना नाम और फूल-घास का सिंबल फ्रीज कर दिया है। आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए हैं। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम मिला है। 6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले पार्टी नेताओं से इसे प्रचारित करने को कहा गया है। रेजीनगर में TMC के दोनों गुट के उम्मीदवार मैदान में रेजीनगर में दोनों तृणमूल गुट आमने-सामने हैं, जबकि नंदीग्राम में ममता गुट कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में मैदान से बाहर हो गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सभी पदाधिकारियों, नेताओं, कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर लोगो प्रसारित करने को कहा गया है। ममता गुट के नेताओं ने सोमवार दोपहर से इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू कर दिया। दोनों गुटों को मिले अलग नाम और सिंबल यह कवायद चुनाव आयोग के तृणमूल कांग्रेस पर चल रहे अंदरूनी विवाद के बीच पुराने नाम और फूल-घास सिंबल को फ्रीज करने के कुछ दिन बाद शुरू हुई है। आयोग ने 6 अक्टूबर के उपचुनाव के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग अंतरिम पहचान दी है। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और फुटबॉल खिलाड़ी का सिंबल मिला है। अरूप रॉय के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और लिफाफे का सिंबल दिया गया है। नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में अब केवल दो हफ्ते बचे हैं। ममता गुट चाहता है कि वोटर नए सिंबल को उस राजनीतिक पहचान से जोड़ सकें, जिसे वे लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस से जोड़ते रहे हैं। 17 सितंबर को आयोग ने पुराना नाम-सिंबल रोका 17 सितंबर को चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस पर दोनों गुटों के दावों की सुनवाई की थी। आयोग ने आदेश दिया कि विवाद पर अंतिम फैसला होने तक कोई भी गुट पार्टी का मौजूदा नाम और सिंबल इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। यह फैसला उपचुनाव के नामांकन की आखिरी तारीख पर आया था। इसके बाद आयोग ने चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए दोनों गुटों से वैकल्पिक नाम और फ्री सिंबल सुझाने को कहा। एक दिन बाद आयोग ने दोनों गुटों को अस्थायी पहचान दे दी। इससे पार्टी के मालिकाना हक को लेकर चल रहा अंदरूनी विवाद बैलेट पर दो अलग नाम और सिंबल की लड़ाई में बदल गया। ममता गुट के लिए नाम का चुनाव भी राजनीतिक संदेश देता है। अंतरिम नाम में ‘ममता’ जोड़ा गया है। पुराने संगठनात्मक नाम की जगह नेता का नाम रखा गया है। फुटबॉल खिलाड़ी का सिंबल गुट को वोटरों के सामने पेश करने के लिए एक नई दृश्य पहचान देता है। समय कम होने के कारण इस पहचान को तेजी से लोगों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है। रेजीनगर में सीधा मुकाबला, नंदीग्राम में अलग स्थिति नई पहचान की पहली सीधी चुनावी परीक्षा रेजीनगर में होगी। यहां तृणमूल के दोनों विरोधी गुट चुनाव मैदान में हैं। नंदीग्राम में स्थिति अलग है। ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचित प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनाव से नाम वापस ले लिया। इसके बाद बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया। बाद में 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े मामलों में प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। इन अलग-अलग घटनाओं से उपचुनाव का राजनीतिक माहौल असामान्य हो गया है। रेजीनगर में दोनों तृणमूल गुट नए नाम और सिंबल के साथ सीधे मुकाबले में होंगे। वहीं, नंदीग्राम में ममता गुट चुनावी दौड़ से बाहर है और उसने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया है। ममता बनर्जी ने आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी इस विवाद का कानूनी पक्ष भी है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के पुराने नाम और सिंबल फ्रीज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई की तारीख तय करने पर सहमति जताई। विरोधी पक्ष को भी अपनी दलील रखने का मौका मिलेगा। यह कानूनी लड़ाई आगे चलकर पार्टी के मूल नाम और सिंबल का फैसला कर सकती है। हालांकि, इस फैसले का इंतजार किए बिना राजनीतिक अभियान चलाना जरूरी है। ममता गुट के सामने तत्काल चुनौती 6 अक्टूबर तक फुटबॉल खिलाड़ी सिंबल को इतना पहचानने योग्य बनाने की है, ताकि वोटर उसे आसानी से पहचान सकें। यह चुनौती उस पार्टी के लिए बड़ी है, जिसका सिंबल वर्षों से बंगाल की राजनीति की सबसे पहचानने योग्य दृश्य निशानियों में रहा है। नया लोगो इस बदलाव को एक ही चित्र में समेटने की कोशिश करता है। इसमें ममता का नाम, तृणमूल कांग्रेस के शब्द और अपरिचित फुटबॉल खिलाड़ी का सिंबल शामिल है। गुट ऐसे चुनाव में उतर रहा है, जिसमें उसकी पारंपरिक चुनावी पहचान फिलहाल रोक दी गई है।

Source link

Tagged: By-election Election Commission Indian Politics Mamata Banerjee Party Symbol TMC TMC New Logo West Bengal Politics

Post navigation

Previous: सौरभ मिश्रा लखनऊ जिला प्रभारी बनने के बाद हरदोई पहुंचे:भाजपा कार्यालय में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
Next: काशी-मथुरा में भी मंदिर निर्माण के लिए संवाद जरूरी:महंत राजूदास बोले-आरक्षण में आर्थिक आधार को महत्व दिया जाए, संत सामाजिक मुद्दों पर बोलें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

सोनिया के खिलाफ FIR पर रोक का फैसला पलटा:राउज एवेन्यू कोर्ट बोली- वोटर लिस्ट में विश्वसनीयता जरूरी; आरोप- नागरिकता से पहले मतदाता बनीं

rrshuklaji@gmail.com31 minutes ago 0

सोनिया के खिलाफ FIR पर रोक का फैसला पलटा:राउज एवेन्यू कोर्ट बोली- वोटर लिस्ट में विश्वसनीयता जरूरी; आरोप- नागरिकता से पहले मतदाता बनीं

rrshuklaji@gmail.com1 hour ago 0

ममता गुट ने पार्टी का नया लोगो जारी किया:वोटरों को पहचान कराने की कोशिश, 6 अक्टूबर को उपचुनाव की वोटिंग होगी

rrshuklaji@gmail.com2 hours ago 0

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:यूपी SIT ने कहा- 2 दिन में चार्जशीट दाखिल कर देंगे

rrshuklaji@gmail.com3 hours ago 0

Trending News

uttar pradesh
फूलपुर के वरुणा नदी में विसर्जन के दौरान युवक डूबा:वरुणा नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान हादसा, डूबते युवक का वीडियो आया सामने, खोज जारी

Recent Posts

  • फूलपुर के वरुणा नदी में विसर्जन के दौरान युवक डूबा:वरुणा नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान हादसा, डूबते युवक का वीडियो आया सामने, खोज जारी
  • कुशीनगर में एलपीजी वितरकों ने सौंपा ज्ञापन:बोले- हटाएं अनावश्यक बिक्री दबाव, बिना सहमति इंडेंट में बदलाव अनुचित
  • जहीर खान चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच बने:मुंबई और लखनऊ के कोचिंग सेटअप का अनुभव; 17 साल बाद बदला चेन्नई का कोचिंग चेहरा
  • सोनिया के खिलाफ FIR पर रोक का फैसला पलटा:राउज एवेन्यू कोर्ट बोली- वोटर लिस्ट में विश्वसनीयता जरूरी; आरोप- नागरिकता से पहले मतदाता बनीं
  • हाईकोर्ट बोला- जबरन नहीं पहना सकते सांता क्लॉस की टोपी:कहा- लोकतंत्र में इसकी अनुमति नहीं, इससे भावनाएं आहत होती हैं

Archives

  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.