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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री-आचार्य की करीब 4 हजार सीटों में अब तक 1,047 प्रवेश ही फाइनल हो सके हैं। शास्त्री स्तर पर 823 और आचार्य यानी पीजी स्तर पर 224 छात्रों का प्रवेश अब तक पूरा हो चुका है। विश्वविद्यालय के डीन शैलेश कुमार मिश्रा ने कहा काउंसिलिंग के बाद कुछ छात्रों की टीसी और अन्य दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया बाकी है, इसलिए उन्हें फिलहाल फाइनल प्रवेश संख्या में शामिल नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय में पारंपरिक शास्त्रों से जुड़े नियमित पाठ्यक्रमों में शास्त्री स्तर पर करीब 2 हजार और आचार्य स्तर पर भी करीब 2 हजार सीटें रहती हैं। इस हिसाब से कुल सीटों की संख्या करीब 4 हजार है। अभी तक हुए 1,047 फाइनल प्रवेश कुल सीटों का करीब 26% हैं। हालांकि प्रवेश प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए अंतिम प्रवेश संख्या बढ़ सकती है। रेयर विषयों में सीटें भरना चुनौती विश्वविद्यालय के डीन शैलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी विषयों में सीटों की स्थिति एक जैसी नहीं है। कई पारंपरिक और रेयर विषय ऐसे हैं, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या कम रहती है। इनमें योग-तंत्र-आगम, पाली, दर्शन, जैनागम तथा प्राचीन राजशास्त्र एवं अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल हैं। अधिकारी के मुताबिक योग-तंत्र-आगम विभाग देश में अपनी तरह का विशिष्ट विभाग है, जबकि पाली, जैनागम और प्राचीन राजशास्त्र-अर्थशास्त्र जैसे विषय भी सीमित संस्थानों में पढ़ाए जाते हैं। इन विषयों में सामान्य विषयों की तुलना में विद्यार्थियों की संख्या कम रहती है। 823 शास्त्री, 224 आचार्य में प्रवेश प्रवेश की वर्तमान स्थिति में शास्त्री यानी ग्रेजुएशन स्तर पर 823 छात्रों का प्रवेश फाइनल हो चुका है। वहीं आचार्य यानी पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर 224 छात्रों का प्रवेश फाइनल हुआ है। कुछ छात्रों की काउंसिलिंग हो चुकी है, लेकिन टीसी समेत दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उन्हें अभी अंतिम आंकड़े में नहीं जोड़ा गया है।
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संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में 4 हजार सीटों पर 1,047 एडमिशन,:रेयर विषयों में छात्रों की संख्या कम, 26 प्रतिशत छात्रों ने लिया प्रवेश