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6 मिनट पहले
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इस बार के एशियन गेम्स में खिलाड़ियों को मिलने वाले मेडल। इन्हें एशिया की एकता की थीम पर बनाया गया है।
एशियन गेम्स का 20वां एडिशन आज से जापान के आइची-नागोया में शुरू हो रहा है। इसमें 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा लेंगे।
भारत इस बार किन खेलों में उतर रहा है, नए खेल कौन-से हैं, ओलिंपिक का टिकट कैसे मिलेगा और तैयारी पर कितना खर्च हुआ। 10 सवालों में एशियन गेम्स के बारे में..
1. एशियन गेम्स की शुरुआत भारत से हुई
एशियन गेम्स पहली बार 1951 में नई दिल्ली में हुए थे। तब 11 देशों ने 6 खेलों में हिस्सा लिया था। भारत ने अब तक दो बार, 1951 और 1982 मे, इन खेलों की मेजबानी की है।
एशियन गेम्स की नींव सिर्फ खेल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं पड़ी थी। 1947 में नई दिल्ली में हुए एशियाई संबंध सम्मेलन में एशियाई देशों के बीच एकता और सहयोग की बात सामने आई थी। चार साल बाद इसी विचार ने खेल आयोजन का रूप लिया।
2. इस बार भारत का दल कैसा है?
भारत के 501 खिलाड़ी 36 खेलों में उतरेंगे। इनमें 267 पुरुष और 234 महिलाएं हैं। 314 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं। यानी दल का करीब 63% हिस्सा डेब्यूटेंट है।
15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारतीय दल के सबसे युवा और 55 साल की श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वैभव क्रिकेट और श्रुति घुड़सवारी में हिस्सा लेंगी।
खिलाड़ियों की संख्या के लिहाज से एथलेटिक्स में 79, हॉकी में 40, क्रिकेट और शूटिंग में 30-30, कबड्डी में 24 और रोइंग में 22 भारतीय खिलाड़ी हैं।

3. भारत कितने इवेंट में चुनौती पेश करेगा?
भारत 43 में से 36 खेलों के कुल 256 इवेंट में हिस्सा लेगा। इनमें एथलेटिक्स के 43, शूटिंग के 27, कयाकिंग-कैनोइंग के 14, साइकिलिंग ट्रैक के 11 और बैडमिंटन के 7 इवेंट शामिल हैं। क्रिकेट में पुरुष और महिला दोनों टीमें टी-20 प्रारूप में खेलेंगी।

4. इस बार कौन-से नए खेल शामिल हुए हैं?
6 खेल पहली बार मेडल स्पोर्ट के तौर पर एशियन गेम्स कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं-
- मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स
- पैडल
- सर्फिंग
- टेकबॉल
- वर्चुअल ताइक्वांडो
- बीएमएक्स फ्रीस्टाइल
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में बॉक्सिंग, रेसलिंग, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है। टेकबॉल में फुटबॉल और टेबल टेनिस का मेल है, जबकि पैडेल टेनिस जैसा रैकेट स्पोर्ट है।
वर्चुअल ताइक्वांडो में मोशन-ट्रैकिंग और वर्चुअल रियलिटी तकनीक इस्तेमाल होगी। बीएमएक्स फ्रीस्टाइल में खिलाड़ी हवा में जंप और अलग-अलग ट्रिक्स के आधार पर अंक हासिल करेंगे।
इसके साथ ड्रैगन बोट, रोलर स्पोर्ट्स और माइंड स्पोर्ट्स को इस बार कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है।
5. ओलिंपिक का टिकट भी मिलेगा
आइची-नागोया एशियन गेम्स को लॉस एंजेलिस 2028 ओलिंपिक के लिए चार खेलों में क्वालिफिकेशन पाथवे बनाया गया है। आर्चरी, हॉकी, स्क्वॉश और टेनिस।
स्क्वॉश में पुरुष और महिला सिंगल्स के चैंपियन को ओलिंपिक कोटा मिलेगा। हॉकी के पुरुष और महिला चैंपियन भी ओलिंपिक कोटा हासिल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए संबंधित खेल के क्वालिफिकेशन नियम लागू होंगे।
6. भारत की तैयारी पर कितना खर्च हुआ?
नवंबर 2023 से अगस्त 2026 तक एशियन गेम्स की तैयारी पर करीब ₹703 करोड़ खर्च किए गए।
इसमें करीब ₹252 करोड़ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने, ₹118 करोड़ घरेलू ट्रेनिंग और राष्ट्रीय कोचिंग कैंप, ₹89 करोड़ खेल उपकरण, ₹86 करोड़ विदेशी कोच और सपोर्ट स्टाफ तथा ₹40 करोड़ विदेशी ट्रेनिंग पर खर्च हुए।
30 खेलों में 50 विदेशी विशेषज्ञ और कोच भी जोड़े गए। इनमें एथलेटिक्स के 14, हॉकी के 8 और शूटिंग के 5 विशेषज्ञ शामिल हैं
7. भारत के किन खिलाड़ियों पर नजर रहेगी?
- अनाहत सिंह: वर्ल्ड जूनियर स्क्वॉश चैंपियन बनीं। टॉप-20 स्क्वॉश रैंकिंग में पहुंचने वाली सबसे युवा एशियाई महिला बनीं।
- ईशा सिंह: म्यूनिख वर्ल्ड कप में 25 मीटर पिस्टल का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
- ज्योति सुरेखा वेन्नम: 2023 एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीत चुकी हैं। इस बार भी कंपाउंड आर्चरी में भारत की बड़ी उम्मीद हैं।
- गुलवीर सिंह: 5,000 और 10,000 मीटर के भारतीय रिकॉर्ड उनके नाम हैं। 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दोनों इवेंट में गोल्ड जीते थे।
- अविनाश साबले: 2023 एशियन गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज का गोल्ड जीत चुके हैं।
- पारुल चौधरी: 2023 में 5000 मीटर का गोल्ड और स्टीपलचेज का सिल्वर जीता था।
- अंसी सोजन: 2026 में 6.88 मीटर की छलांग लगाकर अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना भारतीय लॉन्ग जंप रिकॉर्ड तोड़ा।
- मीराबाई चानू: 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला वेटलिफ्टर बनीं।
- अमन सहरावत: पेरिस ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीतने के बाद अब एशियन स्तर पर पदक बढ़ाने के लिए उतरेंगे।
8. भारत ने अब तक कितने मेडल जीते हैं?
1951 से 2022 तक भारत ने एशियन गेम्स में 778 मेडल जीते हैं। इनमें 183 गोल्ड, 238 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज शामिल हैं। ऑल टाइम मेडल टेबल में भारत पांचवें स्थान पर है।
2023 के हांगझोउ गेम्स में भारत ने पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज के साथ कुल 106 मेडल मिले थे। यह भारत का एक एशियन गेम्स में अब तक का सबसे बड़ा मेडल टैली है।।
9. एशियन गेम्स में भारत का सबसे सफल खेल कौन-सा है?
भारत ने अब तक 34 अलग-अलग खेलों में मेडल जीते हैं। एथलेटिक्स सबसे आगे है, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 283 मेडल हासिल किए हैं। इसके बाद शूटिंग में 80, रेसलिंग में 65 और बॉक्सिंग में 61 मेडल हैं।
एशियन गेम्स में भारत की सबसे ज्यादा व्यक्तिगत मेडल जीतने वाली एथलीट पी.टी. उषा हैं। उनके नाम 11 मेडल हैं, जिनमें 4 गोल्ड और 7 सिल्वर शामिल हैं।

10. नागोया में आयोजन का तरीका और थीम क्या है?
इस बार पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों के लिए होटल, अस्थायी कंटेनर हाउस और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप का इस्तेमाल होगा। प्रतियोगिताएं जापान के 54 वेन्यू पर होंगी। आइची-नागोया गेम्स की आधिकारिक थीम ‘एक एशिया की कल्पना’ है।
भारत में एशियन गेम्स का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर और डिजिटल स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर होगी। दैनिक भास्कर एप पर गेम्स की लाइव कवरेज और अपडेट मिलेंगे।
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