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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश प्रभारी का दायित्व मिलने के बाद गुरुवार की शाम पहली बार गोरखपुर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रशासक के रूप में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित संकल्प सेवा अभियान के पहले दिन उन्होंने आशीर्वाद का दीया जलाया। वह सहजनवा क्षेत्र के हरपुर के आश्रम पद्धति विद्यालय पहुंचे और दीया जलाया। उसके बाद सहजनवा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में भी बच्चों के साथ दीया जलाया। उन्होंने बच्चों का उत्साह भी बढ़ाया। शुक्रवार की सुबह 8:30 बजे से ही क्षेत्रीय कार्यालय पर बैठकों का दौर शुरू हो जाएगा। इस दिन शाम तक तावड़े कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों, पूर्व मेयर, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, पूर्व नगर पालिका अध्यक्षों से मिलकर यहां के जमीनी हालात को समझने की कोशिश करेंगे। सभी से फीडबैक भी मांगा जाएगा। पार्टी का सकारात्मक पक्ष क्या है और कौन सा पक्ष नकारात्मक नजर आ रहा है, इसको लेकर सभी से बात करेंगे। उसी दिन शाम को वह अयोध्या के लिए रवाना हो जाएंगे। तावड़े के गोरखपुर पहुंचने पर होटल में भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. रमापतिराम त्रिपाठी भी होटल पहुंचे और तावड़े से मुलाकात कर राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा की। महत्वपूर्ण है भाजपा का गोरखपुर क्षेत्र चुनाव की दृष्टि से गोरखपुर क्षेत्र को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां 10 प्रशासनिक और 12 सांगठनिक जिले हैं। इन जिलों में विधानसभा की 62 सीटें आती हैं। गोरखपुर, बस्ती एवं आजमगढ़ मंडल इसके अंतर्गत आते हैं। इनमें गोरखपुर मंडल में स्थिति काफी सुदृढ़ है।
पिछले चुनाव में यहां की 28 सीटों में से से 27 सीटों पर भाजपा व इसके सहयोगियों को जीत मिली थी। इनमें गोरखपुर की 9 में से 9, देवरिया की 7 में से 7, कुशीनगर की 7 में से 7 व महराजगंज की 5 में से 4 सीटें भाजपा व उसके सहयोगी दलों के पास हैं। बात बस्ती मंडल की करें तो यहां की 13 में से 6 सीटें ही भाजपा को मिली थीं। इनमें से संतकबीरनगर की तीनों सीटों पर भाजपा और उसके सहयोगी दल को जीत मिली थी जबकि बस्ती में 5 में से 1 सीट हरैया में ही जीत हासिल हो सकी थी। यहां की 4 सीटें सपा व इसके सहयोगी दल को मिली थी। हालांकि महदेवा सुरक्षित सीट पर जीत दर्ज करने वाली सुभासपा इस बार भाजपा के साथ है। सिद्धार्थनगर की 5 में से 3 सीटों पर भाजपा व उसके सहयोगी दलों का कब्जा है। 2 सीट सपा के खाते में गई थी। बात आजमगढ़ मंडल की करें तो यहां की 21 विधानसभा सीटों में से केवल 3 भाजपा के पास हैं। इनमें 2 बलिया में और एक मऊ की सीट शामिल है। हालांकि बलिया में सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली सुभासपा के पास भी एक सीट है। आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर सपा का कब्जा है। बलिया में 7 व मऊ में 4 विधानसभा सीटें हैं। बस्ती व आजमगढ़ मंडल पर फोकस होगा तावड़े का ज्यादा जोर बस्ती व आजमगढ़ मंडल पर होगा। गोरखपुर मंडल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खासा प्रभाव माना जाता है। यही कारण है कि यहां अधिकतर सीटों पर भाजपा को ही जीत मिली। पार्टी को सबसे ज्यादा चिंता आजमगढ़ मंडल को लेकर है। यहां 18 सीटें पार्टी के पास नहीं हैं। इन सभी सीटों को लेकर तावड़े क्षेत्रीय टीम व वहां के जिलाध्यक्षों, पूर्व जिलाध्यक्षों के साथ मंथन करेंगे। इसके साथ ही बस्ती मंडल से भी और सीटें जीतने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। भाजपा ने बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। ऐसे में वहां की हारी हुई 4 सीटों पर भी खूब फोकस रहेगा। अलग-अलग सबसे मिलेंगे तावड़े सबसे पहले क्षेत्रीय टीम के साथ बैठक करेंगे। गोरखपुर प्रवास के दौरान अधिकतर समय क्षेत्रीय कार्यालय पर ही गुजरेगा। यहां क्षेत्रीय अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ वह बात करेंगे। यहां की स्थितियों के बारे में जानेंगे। इसके साथ ही सभी 12 जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ भी उनका संवाद होगा। उनके दौरे के दूसरे दिन भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय रानीडीहा में क्षेत्रीय स्तर की बैठक है। इसमें क्षेत्रीय पदाधिकारी, समिति के सदस्यों, जिलाध्यक्षों, जिला महामंत्रियों तथा क्षेत्र में निवास करने वाले प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होगी। फिर क्षेत्रीय मीडिया एवं सोशल मीडिया बैठक होगी। इसमें क्षेत्रीय व जिला मीडिया प्रभारी एवं सह प्रभारी तथा क्षेत्रीय व जिला सोशल मीडिया प्रभारी एवं सह प्रभारी शामिल होंगे। इस दौरान संगठन की गतिविधियों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने सहित मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों से जुड़े विषयों पर संवाद होगा।
इसके बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि बैठक में राज्यसभा व लोकसभा सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक होगी। उसके बाद पूर्व जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व महापौर, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शामिल होंगे।
अगले चरण में तावड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। इसके बाद गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात का कार्यक्रम है। तावड़े इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि लोगों तक भाजपा के संदेश को प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए। ये सभी मुलाकातें अलग-अलग होंगी। भाजपा सूत्रों की मानें तो तावड़े खुलकर बोलने का मौका देंगे। अपने सवालों पर बेहिचक जवाब पूछेंगे। पार्टी के सकारात्मक व नकारात्मक, दोनों पहलुओं पर चर्चा होगी।
30 दिनों के भीतर अमित शाह भी आएंगे सेवा संकल्प अभियान के दौरान ही गृह मंत्री अमित शाह के भी गोरखपुर आने की संभावना है। यह तय हो गया है कि वह गोरखपुर में ही आएंगे और यहां बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। गोरखपुर क्षेत्र एवं जनप्रतिनिधियों के साथ उनकी भी एक बैठक होगी।
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दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे विनोद तावड़े:आज पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों से जानेंगे जमीनी हालात