2 घंटे पहले
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पाकिस्तान बोर्ड ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले रिजवान का फोन कस्टडी में लिया था।
लाहौर हाईकोर्ट ने गुरुवार को पाकिस्तान के क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान की याचिका खारिज कर दी। रिजवान ने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के नोटिस को चुनौती दी थी।
अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक पर कार्रवाई का फैसला NCCIA की जांच रिपोर्ट के बाद करेगा।
NCCIA दोनों खिलाड़ियों से लिए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है। एजेंसी अगले हफ्ते अपनी रिपोर्ट PCB को सौंप सकती है। पाकिस्तान बोर्ड ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले कुछ खिलाड़ियों के फोन कस्टडी में लिए थे। हालांकि फोन के कस्टडी में लेने का कारण नहीं बताया गया है।

पाकिस्तान को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा।
मुख्य न्यायाधीश ने नोटिस का जवाब देने को कहा
लाहौर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश आलिया नीलम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिजवान की याचिका खारिज की। रिजवान के वकील काजी उमैर अली ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को NCCIA की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने रिजवान को नोटिस का जवाब देने की सलाह दी।
मुख्य न्यायाधीश नीलम ने कहा, आप जाइए और नोटिस का जवाब दीजिए। आपको नोटिस किस तारीख को जारी किया गया था? यह बात PTI के हवाले से सामने आई है।
रिजवान के वकील ने दावा किया कि लॉर्ड्स टेस्ट के बाद होटल में रिजवान से पूछताछ की गई। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और उनका मोबाइल फोन ले लिया गया।
वकील के अनुसार, रिजवान ने यह कहकर फोन सौंपा था कि उसे तीन घंटे में लौटा दिया जाएगा। हालांकि, फोन अब तक वापस नहीं किया गया है।
NCCIA की जांच पर वकील ने उठाए सवाल
रिजवान के वकील ने NCCIA के मामले की जांच करने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्रिकेटरों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को देखने के लिए ICC की एंटी-करप्शन यूनिट सही संस्था है।
वकील ने यह भी कहा कि मामला ICC की एंटी-करप्शन यूनिट को नहीं सौंपा गया है। रिजवान ने NCCIA के समन को कोर्ट में चुनौती दी थी।
उन्होंने एजेंसी के अधिकार क्षेत्र और जांच की प्रकृति, दोनों पर सवाल उठाए थे।
मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच जारी
घटनाक्रम से परिचित PTI के एक सूत्र के अनुसार, NCCIA रिजवान और इमाम से लिए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है। सूत्र ने कहा, PCB दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ कैसे कार्रवाई करेगा, यह NCCIA की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। अगर फोरेंसिक जांच में कुछ असामान्य नहीं मिला, तो उन्हें राहत मिल सकती है।
PCB पहले NCCIA की रिपोर्ट का आकलन करेगा। इसके बाद बोर्ड तय करेगा कि दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई जरूरी है या नहीं।
