मंडी-परिषद के पूर्व-अधिकारी पर आय से अधिक खर्च का FIR:जांच में 45.61 लाख रुपए का अंतर मिला, रामनरेश बोले- हाईकोर्ट जाएंगे


गोंडा में मंडी परिषद के पूर्व अधिकारी रामनरेश सोनकर के खिलाफ आय से अधिक खर्च के मामले में सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच में उनकी वैध आय 67.82 लाख रुपए, जबकि खर्च 1.13 करोड़ रुपए से अधिक पाया गया। विभाग के मुताबिक, आय और खर्च के बीच 45.61 लाख रुपए का अंतर मिला, जिसके संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। 11 सितंबर को दर्ज मुकदमे की कॉपी बुधवार रात करीब 10 बजे सामने आई। सोनकर ने जांच और मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही है। आय से 45.61 लाख रुपए अधिक खर्च का दावा सतर्कता अधिष्ठान की जांच के अनुसार, जांच अवधि में रामनरेश सोनकर की विभिन्न वैध स्रोतों से कुल आय 67,82,681 रुपए थी। इस दौरान परिवार के खर्च, संपत्तियों की खरीद और अन्य मदों में कुल 1,13,44,108 रुपए खर्च किए गए। विभाग ने दोनों का मिलान किया तो 45,61,427 रुपए का अंतर सामने आया। जांच एजेंसी के मुताबिक, अतिरिक्त खर्च और संपत्ति खरीद के संबंध में संतोषजनक सफाई नहीं मिली। 2021 में शुरू हुई थी जांच शासन के निर्देश पर वर्ष 2021 में तत्कालीन मंडी परिषद अधिकारी के आय-व्यय और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच शुरू की गई थी। सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर ने आय के ज्ञात स्रोतों और खर्च का ब्योरा जुटाया। जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजी गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुकदमा चलाने की मंजूरी 15 जुलाई को मिली, जिसके बाद 11 सितंबर को केस दर्ज किया गया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर कर रहा है। सोनकर बोले- हाईकोर्ट के आदेश पर फैसला नहीं हुआ मुकदमा दर्ज होने के बाद दैनिक भास्कर से फोन पर बातचीत में रामनरेश सोनकर ने कहा कि वह जांच के संबंध में लखनऊ हाईकोर्ट गए थे। उनके मुताबिक, 18 अगस्त 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिका निरस्त करते हुए उन्हें सरकार के सामने नया प्रत्यावेदन देने की अनुमति दी थी। सोनकर का दावा है कि कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में विधि के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश शासन के सतर्कता अनुभाग-4 के उपसचिव रामप्रीत प्रसाद ने सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक राजीव कृष्ण को पत्र लिखा था। सोनकर का आरोप है कि प्रत्यावेदन पर निर्णय होने से पहले ही जल्दबाजी में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने कहा कि वह इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।

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