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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत हर लाभार्थी तक पहुंचने का लक्ष्य है। इसके साथ ही नई पीढ़ी यानी Gen Z, जेन अल्फा तक, उन्हीं के पसंदीदा मोड यानी रील के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पहुंचाने की तैयारी भी की गई है। गोरखपुर जिले में 37 हजार 500 रील बनाई जाएगी, जो लाभार्थियों के जीवन में बदलाव की कहानी बयां करेगी। 60 सेकेंड की इस रील में इतने ही लाभार्थियों के जीवन में मोदी-योगी सरकार की अलग-अलग योजनाओं से आए बदलाव को दर्शाया जाएगा। डिजिटल युग के सबसे लोकप्रिय माध्यम यानी सोशल मीडिया ‘रील्स’ के जरिये सरकारी योजनाओं-परियोजनाओं की वास्तविकता सबके सामने लाई जाएगी। केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार की तरफ से चलाई जा रही जनोपयोगी योजनाओं के जमीनी असर को दिखाने के लिए प्रभावशाली पहल की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ‘रील’ के माध्यम से लोगों के जीवन में आए ‘रियल’ सकारात्मक बदलाव की कहानी को प्रेरक तरीके से आगे बढ़ाना है। ‘सेवा की कहानी’ के नाम से रील बनाने का यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सेवा की कहानी कार्यक्रम के गोरखपुर जिले में सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए लाखों लोगों में से 37500 नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव की दास्तान 60-60 सेकेंड की वीडियो रील के रूप में दुनिया को दिखाई जाएगी। सरकारी योजनाओं की सफलता को प्रायः फाइलों और आंकड़ों में दर्ज किया जाता है, लेकिन रील बनाने के इस अभियान में सीधे आम आदमी के अनुभव और भावनाओं को केंद्र में रखा जाएगा।
जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि इन रील को देखकर बाकी लोग भी प्रेरणा लेंगे कि कैसे सरकार की कल्याणकारी योजना किसी गरीब, किसान, महिला, विद्यार्थी, खिलाड़ी या युवा की जिंदगी की दिशा बदल सकती है। 60 सेकेंड की रील में लाभार्थी का पूर्व जीवन, उसकी चुनौतियां, योजना का सहयोग और आज की स्थिति को संक्षिप्त और स्पष्ट ढंग से पेश किया जाएगा। इसमें कोई बनावटीपन नहीं, बल्कि लाभार्थियों की जुबानी उनकी अपनी असली कहानी होगी। गोरखपुर जिले के ग्रामीण और नगरीय, दोनों क्षेत्रों से चयनित लाभार्थियों की सफलता की कहानी को रील्स में ढाला जाएगा। फोकस उन योजनाओं पर रहेगा जिन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों के जीवन को सुगम बनाया है। मसलन, गरीबों के सिर पर सम्मान की छत देने वाली प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना, लकड़ी और उपलों के धुएं से मुक्ति दिलाने वाली उज्ज्वला योजना, आर्थिक तंगी के बावजूद गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान योजना। इसके अलावा किसानों, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों से जुड़ी अन्य योजनाओं की सेवपूर्ण कहानी रील में दिखाई और सुनाई जाएगी। जिलाधिकारी के अनुसार इन रील से वे लोग भी जागरूक होंगे जो पात्रता के बावजूद जानकारी के अभाव में इन योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को केंद्र में रखकर बनने वाली रील एक तरह से डिजिटल दस्तावेज भी होंगी। यह इस तथ्य को भी प्रमाणित करेंगी कि कैसे सरकार की योजनाएं सीधे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। ये रील लाभार्थियों के जीवन के संघर्ष और सरकार की योजना से आई सफलता और खुशहाली का पूर्ण आख्यान होंगी।
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37500 रील से दिखेगी बदलाव की कहानी:Gen Z, जेन अल्फा तक उनके पसंदीदा मोड में पहुंचाएंगे सरकारी योजनाओं की हकीकत