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वाराणसी में गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) गंदे और दूषित पानी को वैज्ञानिक तरीकों से साफ कर पर्यावरण के अनुकूल बनाने की महत्वपूर्ण प्रणाली है। दीनापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित जल को विभिन्न चरणों में उपचारित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि एसटीपी में सबसे पहले बार स्क्रीन के माध्यम से बड़े कचरे और ठोस पदार्थों को अलग किया जाता है। इसके बाद प्राथमिक निपटान टैंकों में भारी कणों को नीचे बैठाकर तथा तैरने वाले पदार्थों को हटाया जाता है। द्वितीयक उपचार में सूक्ष्मजीवों की मदद से जैविक गंदगी कम की जाती है। अंतिम चरण में सोडियम हाइपोक्लोराइट सहित अन्य प्रक्रियाओं से पानी का कीटाणुशोधन किया जाता है।
राजेश शुक्ला के अनुसार, एसटीपी से जल प्रदूषण कम करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और पानी के पुन: उपयोग में मदद मिलती है। उपचारित गाद से खाद तथा जैविक पदार्थों से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं भी रहती हैं। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्वच्छ पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए आवश्यक हैं।
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वाराणसी में एसटीपी से पर्यावरण सुधार:दीनापुर प्लांट पर उपचारित गंदा पानी, खाद एवं ऊर्जा निर्माण संभव होगा