प्रयागराज में बच्चों के लिए लर्निंग बाई डूइंग की शुरुआत:बीएसए ने मोहिउद्दीनपुर विद्यालय में ‘LBD कक्ष’ का किया उद्धाटन


प्रयागराज के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई को मजेदार और व्यावहारिक बनाने के लिए एक खास पहल की गई है। जिले के चाका विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय मोहिउद्दीनपुर के बच्चे अब किताबों में उलझने के बजाय खुद प्रयोग करके मुश्किल विषयों को समझ सकेंगे। शनिवार को बीएसए अनिल कुमार ने विद्यालय में बने नए ‘लर्निंग बाय डूइंग’ (LBD) कक्ष का उद्घाटन किया। उद्घाटन के मौके पर बीएसए अनिल कुमार ने कहा कि आज के आधुनिक समय में बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित रखना ठीक नहीं है। अब उन्हें गतिविधियों और प्रयोगों के जरिए सीखने के मौके दिए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि यह LBD कक्ष बच्चों की जिज्ञासा, रचनात्मकता और समस्या सुलझाने की क्षमता को निखारने में बहुत मददगार साबित होगा। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन की अहमियत बताई। उन्होंने बच्चों को इन्हें अपने रोजमर्रा के जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित भी किया। बीएसए ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कमर सुल्तान के अच्छे नेतृत्व और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। बीएसए ने कहा कि विद्यालय का अनुशासित माहौल, बच्चों की सक्रिय भागीदारी और पढ़ाई में नए तरीकों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि यहां के शिक्षक पूरी लगन से काम कर रहे हैं। वहीं, प्रधानाध्यापिका ने बताया कि ‘करके सीखने’ की इस नई व्यवस्था से बच्चों का मानसिक और व्यवहारिक विकास तेजी से होगा। इस मौके पर स्कूल के सभी शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। LBD (लर्निंग बाय डूइंग) का मतलब है ‘करके सीखना’। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किए गए इस तरीके में बच्चों को सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड से पढ़ाने के बजाय प्रैक्टिकल गतिविधियों, टूल्स और मॉडल के जरिए सिखाया जाता है। इसके तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 6 से 8) के बच्चों को विज्ञान, गणित, पर्यावरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और कृषि जैसे विषयों से जुड़ी व्यावहारिक गतिविधियों की ट्रेनिंग दी जाती है।

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