सीतापुर में बाढ़ पानी में स्टंट कर रहे बच्चे, VIDEO:जलस्तर घटा तो मिली राहत, तंबौर की सड़कें अब भी पानी में; राहगीरों को हो रही दिक्कतें


सीतापुर में शारदा नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। इसी बीच जलभराव वाले स्थानों पर बच्चे गहरे पानी में छलांग लगाकर स्टंट करते नजर आए। हालांकि, तंबौर कस्बे में बाढ़ और बारिश का पानी अभी भी कई इलाकों में जमा है। अहमदाबाद पूर्वी और अहमदाबाद पश्चिमी समेत कई मोहल्लों की सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। रास्तों पर पानी के साथ कीचड़ जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। निचले इलाकों में जलभराव ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। कई जगह लोग पानी के बीच से होकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों को डर है कि पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार शारदा नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है। इसमें मामूली गिरावट के बाद नदी का पानी खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया है। जलस्तर घटने से नदी किनारे रहने वाले लोगों ने कुछ राहत महसूस की है। वहीं घाघरा नदी में भी जलस्तर घटने का ट्रेंड बना हुआ है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक घाघरा का पानी खतरे के निशान से 1.68 मीटर नीचे दर्ज किया गया है। दोनों नदियों का पानी कम होने के बावजूद इसका असर तंबौर के निचले इलाकों में अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अहमदाबाद के दोनों हिस्सों की सड़कें पानी में डूबीं तंबौर कस्बे में बाढ़ के पानी और लगातार हुई बारिश के कारण अहमदाबाद पूर्वी, अहमदाबाद पश्चिमी समेत कई इलाकों की सड़कें अब भी जलमग्न हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के साथ कीचड़ फैल गया है। इससे पैदल चलने के साथ दोपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी कस्बे के निचले हिस्सों में पानी निकलने में समय लग रहा है। गहरे पानी में छलांग लगा रहे बच्चे, हादसे का डर जलभराव वाले इलाकों में बच्चे पानी के बीच खेलते और गहरे स्थानों पर छलांग लगाते नजर आ रहे हैं। कुछ बच्चे पानी में स्टंट भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता और कई जगह बहाव भी हो सकता है। लोगों ने बच्चों को ऐसे स्थानों पर जाने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है। पानी घटने के बाद राहत की उम्मीद, निगरानी बढ़ाने की मांग नदियों के जलस्तर में गिरावट के बावजूद तंबौर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि शारदा और घाघरा का जलस्तर और नीचे आने के बाद कस्बे में जमा पानी भी धीरे-धीरे निकल जाएगा। फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों के गहरे पानी में जाने को लेकर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और बच्चों को वहां जाने से रोकने के लिए जरूरी इंतजाम कराने की मांग की है।

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