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मऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 बाकर शमीम रिजवी की अदालत ने मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में दंपती को दोषी ठहराया है। अदालत ने संजय यादव और उसकी पत्नी लालसा देवी को तीन-तीन साल की जेल और 7-7 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को दो-दो महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, औरंगाबाद निवासी मूलचंद की शिकायत पर दक्षिण टोला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में मोहल्ले के संजय यादव, उसकी पत्नी लालसा देवी और एक अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाया गया था। मूलचंद ने आरोप लगाया था कि 3 मार्च 2013 को पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपी लाठी-डंडे लेकर उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने दिनेश, प्रेमशीला और रीता के साथ मारपीट की। हमले में तीनों को गंभीर चोटें आई थीं। इस दौरान गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था। 10 गवाहों ने कोर्ट में दी गवाही पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए और दस्तावेजी साक्ष्य के जरिए अपना पक्ष रखा। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने की दलील दी। सबूतों के आधार पर दंपती दोषी अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के साथ उपलब्ध दस्तावेज और साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद संजय यादव और लालसा देवी को दोषी पाया गया। कोर्ट ने दोनों को तीन-तीन साल की जेल और 7-7 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी घटना के समय नाबालिग था। इसलिए उसकी फाइल किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई है। उसके खिलाफ कार्रवाई किशोर न्याय बोर्ड में ही होगी।
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गैर-इरादतन हत्या के प्रयास में दंपती को 3 साल सजा:मऊ में लाठी-डंडे लेकर घर पहुंचे थे आरोपी; तीन लोगों से मारपीट का आरोप