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कानपुर की खराब सड़कों और गड्ढों को लेकर मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पाण्डियन की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक हुई। इसमें पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और केडीए के अधिकारी क्षतिग्रस्त सड़कों और प्रस्तावित कार्यों की लिस्ट लेकर पहुंचे। मंडलायुक्त ने विभागवार सड़कों की स्थिति और कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी मांगी तो अधिकारियों की ओर से कम कार्य ही बताए गए। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर को गड्ढामुक्त करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सड़क मरम्मत में कोताही या शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सड़क मरम्मत के काम में देरी बर्दाश्त नहीं- मंडलायुक्त बैठक में शहर की सड़कों को सितंबर के अंत तक दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि बारिश का बहाना बनाकर सड़क मरम्मत के काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां डामरीकरण संभव नहीं है, वहां तत्काल पैचवर्क कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाया जाए। बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, केडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे। एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया नगर निगम की 38 खराब सड़कों की मरम्मत को लेकर अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है। निर्देश दिए गए कि सभी सड़कों पर पैचवर्क कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी की 18 सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। इनमें 13 सड़कें मोटरेबल हो चुकी हैं, जबकि बची 5 सड़कों पर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जीटी रोड पर भी तत्काल पैचवर्क कराने को कहा गया। बैठक में सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी सड़कों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि कहीं भी गड्ढा दिखाई देने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी न हो। लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश मंडलायुक्त ने लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने की बात कही गई। बैठक में नगर निगम, केडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।
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कानपुर की बदहाल सड़कों पर मंडलायुक्त की सख्ती:38 सड़कें मरम्मत के लिए 7 दिन का दिया अल्टीमेटम, लापरवाही पर FIR की चेतावनी