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महोबा के चरखारी कस्बे के मोहल्ला मड़वासन में मुस्लिम समुदाय ने एक खास बैठक की। मदरसा मुहम्मदिया अरबिया में हाफिज आबिद हुसैन की पहल पर हुई इस बैठक में तीजा और चालीसवां पर होने वाले आवामी खाने (सामूहिक मृत्यु भोज) को बंद करने का फैसला लिया गया। सर्वसम्मति से तय हुआ कि इन दिनों में सिर्फ फातिहा होगा। नियम तोड़ने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और हाफिज उनके घर फातिहा पढ़ने नहीं जाएंगे। मुस्लिम समुदाय ने फिजूलखर्ची और सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार रात 10 बजे हुई इस बैठक में नगर के काजी, हाफिज और सम्मानित नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि किसी भी व्यक्ति के निधन के बाद तीजा और चालीसवां के मौके पर होने वाली आवामी खाने की प्रथा को पूरी तरह से बंद किया जाएगा। अब इन मौकों पर सिर्फ फातिहा का आयोजन होगा। यह भी साफ किया गया कि भोजन की व्यवस्था सिर्फ घर के सदस्यों और दूर-दराज से आने वाले रिश्तेदारों के लिए ही रहेगी। इसके अलावा जरूरतमंदों, विधवाओं और गरीबों को खाना खिलाया जा सकता है। सामूहिक भोज पर खर्च होने वाले पैसे को मस्जिद, मदरसे, ईदगाह या किसी गरीब-बेसहारा भाई-बहन की मदद में लगाने की सलाह दी गई, ताकि मृतक को इसका पुण्य मिल सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति इस सामाजिक फैसले को तोड़ता है और आवामी खाना करवाता है, तो नगर का कोई भी हाफिज उसके घर फातिहा पढ़ने नहीं जाएगा। साथ ही समाज द्वारा उसका सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। हालांकि, फातिहा के बाद प्रसाद के तौर पर जर्दा बनाकर लोगों में बांटने की छूट दी गई है।
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तीजा-चालीसवां पर अब नहीं होगा सामूहिक भोज:महोबा में मुस्लिम समाज ने लिया फैसला, सामाजिक बहिष्कार का बनाया नियम