मथुरा में चित्रगुप्त पीठ के महंत को पाकिस्तान से धमकी:कॉल करके कहा- समाधी बना देंगे, कार सेवा का ऐलान किया था


मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप बनी मस्जिद पर 6 दिसंबर को कार सेवा का ऐलान करने वाले संत सच्चिदानंद महाराज को जान से मारने की धमकी मिली है। चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर संत को पाकिस्तान के नंबर से वाट्सऐप पर कॉल की गई। धमकी देने वाले ने उनसे कार सेवा के ऐलान से पीछे हटने को कहा। ऐसा नहीं करने पर ‘समाधि बना देने’ की धमकी दी गई। संत सच्चिदानंद महाराज का कहना है कि वह धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। मामले की जानकारी पुलिस को देकर कार्रवाई कराई जाएगी। पहले मिस कॉल, फिर दो बार फोन संत सच्चिदानंद महाराज के वाट्सऐप पर +92 से शुरू होने वाले नंबर से पहले मिस कॉल आई। करीब 10 मिनट बाद इसी नंबर से दो बार कॉल की गई। संत के मुताबिक कॉल करने वाले ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि वह इस मामले से पीछे हट जाएं। उसने यह भी कहा कि उसके पास संत की पूरी जानकारी है। वाट्सऐप पर भेजे धमकी भरे ऑडियो कॉल के अलावा संत के वाट्सऐप पर धमकी भरे ऑडियो भी भेजे गए। करीब 47 सेकंड के एक ऑडियो में उन्हें कार सेवा और रैली से पीछे हटने की चेतावनी दी गई। ऑडियो में धमकी देने वाला कहता है कि अगर संत पीछे नहीं हटे तो उनके साथ आने वाले साधु-संत भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। उन्हें चेतावनी दी गई कि नहीं मानने पर उनकी ‘समाधि वहीं बना दी जाएगी।’ इसके बाद करीब 22 सेकंड का एक और ऑडियो भेजा गया। इसमें भी संत को ढूंढकर नुकसान पहुंचाने और कार सेवा के कार्यक्रम से दूर रहने की धमकी दी गई। 6 दिसंबर को कार सेवा का ऐलान संत सच्चिदानंद महाराज ने 9 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप बनी मस्जिद को लेकर कार सेवा का ऐलान किया था। हालांकि सावन माह होने के कारण उस समय कार सेवा के बजाय शिला पूजन और साधु-संतों के साथ बैठक की गई। बैठक में 6 दिसंबर को कार सेवा करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद संत सच्चिदानंद देशभर के साधु-संतों और धर्माचार्यों से संपर्क कर रहे हैं और इस संबंध में लगातार बैठकें कर रहे हैं। बोले- धमकियों से डरने वाले नहीं संत सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि उन्हें धमकी मिली है और इसकी जानकारी पुलिस को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और मामले में कानूनी कार्रवाई कराएंगे। फिलहाल पुलिस की ओर से धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान या पाकिस्तान के नंबर से कॉल किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही धमकी देने वाले और कॉल के स्रोत के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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