महराजगंज में 3 महीने राशन बांटने का दावा निकला फर्जी:वीडियो 3 लाख से ज्यादा बार देखा गया; अधिकारियों ने कहा- ऐसी कोई योजना नहीं


महराजगंज जनपद में एक पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवान द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई भ्रामक जानकारी से राशन कार्डधारकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। जवान ने ‘J P Sargam’ नामक यूजर के माध्यम से दावा किया था कि लाभार्थियों को तीन माह का राशन वितरित किया जा रहा है और अनियमितता करने वाले राशन दुकानदारों को जेल भेजा जा रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और अब तक इसे 3 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों के बीच राशन वितरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई कार्डधारकों में यह धारणा बन गई कि जिले में कोई विशेष वितरण अभियान चल रहा है। अधिकारियों ने दावे को बताया गलत हालांकि, उच्चाधिकारियों ने इस दावे का स्पष्ट खंडन किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जनपद में ऐसी कोई योजना लागू नहीं है और न ही राशन वितरण को लेकर कोई विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। विभाग ने साफ किया कि वायरल दावे का जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है। भास्कर पड़ताल में भी नहीं मिली पुष्टि दैनिक भास्कर की पड़ताल में भी यह बात सामने आई कि खाद्य एवं रसद विभाग के किसी भी अधिकारी ने तीन माह के राशन वितरण की पुष्टि नहीं की है। साथ ही, किसी भी कोटेदार को अतिरिक्त राशन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा तथ्यहीन था। व्यूज और लोकप्रियता के लिए बनाया वीडियो जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित जवान ने सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से यह भ्रामक जानकारी साझा की थी। इस खुलासे के बाद लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है, क्योंकि ऐसी सूचनाएं सीधे आम जनता और गरीब कार्डधारकों को प्रभावित करती हैं। वर्दी में रील बनाते हुए दूसरा वीडियो भी वायरल मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है, क्योंकि संबंधित पीआरडी जवान का एक और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह वर्दी में रहते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करता नजर आ रहा है और फिल्मी डायलॉग के साथ रील बनाता दिख रहा है। विभागीय कार्रवाई की चर्चा तेज इस पूरे प्रकरण ने पीआरडी और पुलिस तंत्र के अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मामले में विभागीय कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वायरल वीडियो और आचरण की जांच के बाद संबंधित जवान पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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