हनुमान अंश की निर्माता अनुप्रिया नागर पहुंची वृंदावन:संत प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात, संतों ने किया सम्मानित


बाबा नीम करौरी महाराज के प्रारंभिक जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश की निर्माता अनुप्रिया नागर बुधवार को वृंदावन पहुंचीं। अपने माता पिता के साथ आईं अनुप्रिया ने संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद स्थानीय एक होटल में रामायण रिसर्च कॉन्सिल द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया। जहां साधु संतों ने अनुप्रिया नागर को सम्मानित किया। हनुमान चालीसा से शुरू हुआ कार्यक्रम रामायण रिसर्च कॉन्सिल द्वारा आयोजित रामायणी सम्मान समारोह का शुभारंभ हनुमान चालीसा का पाठ कर किया गया। साधु संतों,धर्माचार्यों की मौजूदगी में समारोह में मौजूद सभी लोगों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद साधु संतों ने हनुमान अंश फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर का सम्मान किया। कार्यक्रम में मौजूद साधु संतों ने हनुमान अंश फिल्म की तारीफ करते हुए अनुप्रिया नागर को आशीर्वाद दिया। बाबा के बारे में फॉर्नर से नहीं भारतीय से मिले जानकारी हनुमान अंश फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत करते हुए कहा कि मैने एक बड़ी कंपनी के CEO के जरिए जाना कि उन्हें भारतीय संत ने प्रभावित किया था। इसके बाद मैने सोचा कि बाबा के बारे में एक फॉर्नर के जरिए क्यों मिले जानकारी जबकि हम भारतीय इसे जन जन तक पहुंचाएं। इसके बाद अनुप्रिया भारत आईं और फिल्म मेकर से मिली जो इस पर काम कर रहे थे। इसके बाद पता नहीं क्या हुआ जैसे लगा बाबा ने ही कहा कि तुमने 3 साल यूके में काम किया है सभी सेविंग फंड इसमें लगा दो और फिर सारी सेविंग इस प्रोजेक्ट में लगा दी। हनुमान जी के भरोसे सागर में नैय्या डाल दी अनुप्रिया नागर ने बताया जैसे फिल्म में गाना है तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैय्या डाल दी। वैसे ही वह छोटी सी नैय्या हैं और हनुमान जी के भरोसे यहां डाल दी गई। अनुप्रिया ने बताया शूटिंग के दौरान कई बार ऐसा कुछ हुआ जो चमत्कार था। उन्होंने बताया शूटिंग के दौरान जहां कभी लंगूर नहीं आया वहां के लोग बताते थे कि 15 साल से लंगूर नहीं दिखा था वहां लेकिन शूटिंग के दौरान जब हनुमान जी की प्रतिमा रखी जा रही थी लंगूर आया और उसने भंडारे का प्रसाद खाया। इतना ही नहीं जब गुफा खुद रही थी तब वह अंदर जाकर देख कर आए कि कोई कमी तो नहीं रह गई। इसके बाद टीम को लगा कि हनुमान जी की कृपा ही नहीं साक्षात् हनुमान जी हमारे साथ हैं। निराशा हुई लेकिन सफलता मिली निर्माता अनुप्रिया नागर ने बताया कि पहले दो तीन हफ्ते फिल्म डाउन थी निराशा थोड़ी हुई इसके बाद में चमत्कार की तलाश में निकल गई और पहुंची बागेश्वर धाम। वहां धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात हुई। जहां उन्होंने कहा तुम जेन जी हो सनातन के लिए काम कर रहे हो अच्छा होगा और फिर इसके बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और सफलता मिली। अनुप्रिया नागर ने संत प्रेमानंद महाराज से हुई मुलाकात के बारे में कहा कि वह शुरुआत के समय आईं और अब सफलता मिलने पर पहुंची तो थोड़ी भावुक थी। अनुप्रिया ने बताया कि संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आप सच्चाई से धर्म के रास्ते पर चल रहे हो इसलिए आप को जो चाहिए वह मिलेगा। यह रहे मौजूद सम्मान समारोह में पूर्व IAS देव व्रत शर्मा, संत फूलडोल बिहारी दास,महंत सुंदर दास महाराज, संत हेमकांत महाराज, गोविंदानंद तीर्थ, डॉ आदित्यानंद महाराज के अलावा आचार्य बद्रीश,आचार्य मनोज मोहन शास्त्री आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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