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राप्ती नदी के किनारे गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद गिरने के मामले की जांच शुरू हो गई है। इस दुर्घटना में दो अधिवक्ताओं की मौत हो गई थी। जिसके बाद निर्माण कराने वाले ठेकेदार, जेई व एई पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस उनसे पूछताछ के आधार पर निर्माण की बारीकियां तलाश रही है। अभियंताओं व ठेकेदार से पूछा जा रहा है कि गुंबद की डिजाइन क्या थी और उसे बनाने में कौन सी निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। दूसरी ओर डीएम की ओर से गठित समिति ने भी विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। 7 दिन के भीतर इस कमेटी को अपनी रिपोर्ट देनी होगी। पुलिस ने एफआईआर होने के बाद जेई, एई व ठेकेदार को हिरासत में ले चुकी है। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर होती थी। गुणवत्ता की जांच करने की क्या व्यवस्था बनाई गई थी। जिस समय निर्माण चल रहा था, उस समय सामान की गुणवत्ता किसने परखी थी, काम की निगरानी कौन कर रहा था और जब काम पूरा हुआ तो कंपलीशन किसने जारी किया।
पुलिस निर्माण कार्य की प्रक्रिया के बारे में भी पूछताछ कर रही है। यह जानकारी भी जुटायी जा रही है कि निर्माण पूरा होने के बाद संरचना की मजबूती को लेकर कोई टेस्ट हुआ था या नहीं। पुलिस की पूछताछ में जेई, एई व ठेकेदार खुद को निर्दोष बता रहे हैं। उनके बयान और मौके पर सामने आए तथ्यों का मिलान किया जा रहा है। सेवानिवत्त हो चुके दो अभियंताओं से भी उनकी तैनाती के दौरान निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा रही है। 3 सदस्यीय कमेटी हर बिन्दु पर कर रही जांच डीएम की ओर से गठित 3 सदस्यीय कमेटी ढांचा गिरने के कारणों का पता लगाने में जुटी है। इसके साथ ही जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है। अधिवक्ताओं की ओर से एंबुलेंस मिलने में देरी का मामला उठाया गया था। इसपर भी यह कमेटी पूछताछ करेगी। एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों से पूछताछ होगी। अधिवक्ताओं की ओर से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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पुलिस तलाश रही निर्माण की बारीकियां:राप्ती नदी के किनारे गुंबद गिरने के बाद ठेकेदार व अभियंताओं से चल रही