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बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति द्वारा शुक्रवार को आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों के क्रम में पारंपरिक विधि-विधान से काठामो पूजा की गई। पूजा-अर्चना के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा निर्माण की पवित्र प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। इस दौरान समिति के पदाधिकारी, सदस्य और स्वयंसेवक मौजूद रहे। काठामो पूजा बंगाली दुर्गा पूजा की महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। इसमें मां दुर्गा की प्रतिमा के मूल ढांचे यानी काठामो का पूजन किया जाता है। इसी ढांचे पर आगे मिट्टी की परतें चढ़ाकर मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को अंतिम स्वरूप दिया जाता है। समिति के सदस्यों के अनुसार, काठामो पूजा के साथ ही मां दुर्गा के आगमन की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ माना जाता है। पूजा में समिति के अध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी, महासचिव अभय मुखर्जी और पूजा सचिव सुब्रतो बिस्वास सहित पदाधिकारियों व सदस्यों ने हिस्सा लिया। अध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि काठामो पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मां दुर्गा के आगमन की पहली अनुभूति है। यह वर्षों पुरानी बंगाली सांस्कृतिक परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। महासचिव अभय मुखर्जी ने कहा कि काठामो पूजा के साथ मां दुर्गा के भव्य आगमन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समिति की ओर से पूजा के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी चरणबद्ध तरीके से की जाएंगी। पूजा सचिव सुब्रतो बिस्वास ने बताया कि काठामो पूजा से लेकर विसर्जन तक दुर्गा पूजा की हर परंपरा का विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। आज की पूजा के साथ प्रतिमा के निर्माण की यात्रा शुरू हो गई है। आयोजन में दीप्ति चौधरी, रीना सेन, मोहिनी मुखर्जी, अभिनव दत्ता, विश्वजीत विश्वास, अजय मुखर्जी, मैना विश्वास, चित्रा सरकार, मैत्री विश्वास, सत्यजीत मुखर्जी और डॉ. सुब्रतो सेन समेत समिति के सदस्यों व स्वयंसेवकों का सहयोग रहा। समिति ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं को आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव में सपरिवार शामिल होने का निमंत्रण दिया।
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काठामो पूजा के साथ दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू:बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति में विधि-विधान से हुई पूजा, मां दुर्गा की प्रतिमा निर्माण का हुआ शुभारंभ