योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। ब्रजवासियों-श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए
यूपी के मथुरा में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। CM योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। ब्रजवासियों-श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए। जन्मस्थान पर संबोधित करते हुए CM ने कहा- भारत पर कई आक्रमण हुए, लेकिन सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं प
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योगी ने सपा-कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा-
सरकार की आस्था श्रीकृष्ण, श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में है, लेकिन जिनकी आस्था बाबर-औरंगजेब में हो, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? ये बाबर-औरंगजेब के अनुयायी समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं, क्योंकि कुछ लोग आदत से मजबूर होते हैं। वे बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं। हमारी सरकार इनके मंसूबे कभी पूरा नहीं होने देगी।

योगी ने कहा- भगवान राम का भव्य मंदिर जिनको अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी जैसा भव्य परिसर तैयार हो। हम आपकी भावनाओं के अनुरूप ब्रजभूमि को संवारेंगे। इसमें कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
इधर, भगवान श्रीकृष्ण के 5253वें जन्मोत्सव पर बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की लंबी लाइन लगी है। तड़के हुई मंगला आरती में 10 हजार भक्त शामिल हुए। महिलाओं ने ढोल-मंजीरों और शंख की धुन पर डांस किया। प्रशासन के मुताबिक, जन्मोत्सव पर देश-विदेश से 50 लाख श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है। काशी और नोएडा के इस्कॉन मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ है। अयोध्या के राम मंदिर को भी सजाया गया है।
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सीएम योगी ने ब्रजवासियों-श्रद्धालुओं पर गुलाब के फूल बरसाए। इस दौरान लोग भगवान कृष्ण के जयकारे लगाते रहे।

CM योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि में पूजा-अर्चना की।

सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि में गाय की पूजा की और गुड़ खिलाया।

मंगला आरती के दौरान ढोल-मंजीरों की थाप पर महिलाओं ने जमकर डांस किया।
रात 12 बजे कान्हा का जन्म होगा, उज्जैन के डमरू वादक मंगल ध्वनि बजाएंगे
- श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में रात 12 बजे कान्हा का जन्म होगा। इससे पहले 11:55 बजे 5 मिनट के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे। गर्भगृह में पर्दे के पीछे कान्हा को पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी। रत्न-जड़ित मुकुट और आभूषणों से श्रृंगार होगा।
- जन्म के समय उज्जैन से आए डमरू और मृदंग वादक मंगल ध्वनि और आनंद संकीर्तन करेंगे। जन्म के बाद पर्दा खुलेगा और आरती होगी। इसके बाद प्रतिमा गर्भगृह से बाहर लाई जाएगी, जहां भक्त दर्शन करेंगे।
- सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध से अभिषेक होगा। फिर भगवान को चांदी के कमल पर बिठाकर पंचामृत स्नान कराया जाएगा। जन्मोत्सव और अभिषेक का LED स्क्रीन और टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण होगा।
- 12:45 बजे प्रतिमा गर्भगृह में रखकर शयन आरती होगी और कपाट बंद कर दिए जाएंगे। जन्माष्टमी पर गर्भगृह को 200 किलो चांदी और आकर्षक फूल-पत्तियों से सजाया गया है।

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