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बाराबंकी में सरयू नदी एक बार फिर हजारों ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही है। नेपाल के बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी और जिले में हो रही तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ रहा है। सरयू नदी खतरे के निशान से करीब 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी के बढ़ते पानी ने सिरौलीगौसपुर, रामनगर और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के करीब 30 गांवों पर असर डाला है। तराई इलाके की करीब 25 हजार आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सबसे ज्यादा मुश्किल उन ग्रामीणों के सामने है, जो पिछले करीब एक महीने से बाढ़ का सामना कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही गांवों से पानी उतरना शुरू हुआ था। लोगों ने घरों की सफाई शुरू की थी और रास्तों पर जमा कीचड़ भी सूखना शुरू हुआ था। लेकिन अब सरयू का बढ़ता पानी फिर गांवों की ओर बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों में दोबारा दहशत फैल गई है। रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के गुनौली, कोयलावार, ढेमा, किठुली, टिकरी, जलालपुर, बसंतपुर, पत्रा, असवा और लिलार समेत दर्जनभर गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, रामनगर तहसील के हेतमापुर और केदारपुर में सरयू का कटान भी लगातार हो रहा है। नदी की धार खेतों और आबादी की तरफ बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 300 बीघा खेती की जमीन पानी में समा चुकी है। कटान के डर से कई परिवार अपना घर छोड़कर तटबंध और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने पर मजबूर हैं। सुंदरनगर, लालपुरवा, कोड़री और मदरहा समेत कई गांवों में रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसल, पशुओं के चारे और घरों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। लगातार बाढ़ और कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि पानी उतरने के बाद जैसे ही जिंदगी पटरी पर लौटने लगती है, सरयू फिर मुसीबत बन जाती है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी रखने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों की नजर अब सरयू के जलस्तर पर लगी है।
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सरयू नदी फिर उफनाई, खतरे से 16 सेमी ऊपर:बाराबंकी के 30 गांवों पर बाढ़ का खतरा, हजारों लोग परेशान