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प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने के बाद अंबेडकरनगर में भी स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार की तैयारियां तेज कर दी हैं। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के लिए 30 बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। इनमें 15 बेड पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, मेडिकल कॉलेज में जांच की मशीन होने के बावजूद किट नहीं होने से फिलहाल स्वाइन फ्लू की जांच नहीं हो पा रही है। मौसम में बदलाव के साथ वायरल और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के आचार्य और सीएमएस डॉ. ब्रजेश के मुताबिक, इन दिनों प्रतिदिन करीब 80 बुखार के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें कुछ मरीजों में स्वाइन फ्लू और इंफ्लुएंजा जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल लक्षणों के आधार पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जांच की सुविधा शुरू नहीं होने के कारण स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि अभी जिले में किसी भी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि संभावित मरीजों की पहचान को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में रखकर जरूरी उपचार दिया जाएगा। आपात स्थिति से निपटने के लिए ऑक्सीजन की मौजूदगी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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अंबेडकरनगर में स्वाइन फ्लू की जांच किट नहीं:30 बेड का वार्ड तैयार, संदिग्ध मरीजों के सैंपल लखनऊ भेजे जा रहे