![]()
रेलवे ट्रैक पार करने की आदत अब लोगों को जेल पहुंचा सकती है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज मंडल ने गैरकानूनी तरीके से पटरियां पार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। इस साल जनवरी से 31 अगस्त के बीच चलाए गए विशेष अभियान में कुल 1,070 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, ट्रैक पार करते पकड़े जाने पर मौके पर ही 500 रुपये का जुर्माना लिया जा रहा है। अगर कोई जुर्माना नहीं भरता है, तो मामला कोर्ट भेजा जाता है। वहां रेलवे कानून के तहत 3 महीने तक की जेल या 5,000 रुपये तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है। आरपीएफ के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां बड़े और व्यस्त स्टेशनों पर हुई हैं। इनमें प्रयागराज जंक्शन और चुनार प्रमुख हैं। सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां प्रयागराज जंक्शन पर 124, चुनार में 119, कानपुर सेंट्रल में 112, नैनी में 88 और प्रयागराज छिवकी व फतेहपुर में 75-75 हुई हैं। इसके अलावा, अलीगढ़, कानपुर अनवरगंज, फफूंद, टूंडला, पनकी और फिरोजाबाद जैसे अन्य स्टेशनों पर भी लगातार कार्रवाई की गई। महीने के हिसाब से देखें तो मार्च में 259 और मई में 226 लोग ट्रैक पार करते हुए पकड़े गए, जो सबसे ज्यादा संख्या है। प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि लोग कुछ मिनट बचाने के लिए अपनी जान खतरे में डालते हैं। इससे न केवल खतरनाक हादसे होते हैं, बल्कि ट्रेनों के समय पर चलने में भी रुकावट आती है। रेल प्रशासन ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए सिर्फ फुट ओवर ब्रिज (FOB), सबवे या तय किए गए सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करें। थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
Source link
रेलवे ट्रैक पार करना पड़ा महंगा, 8 महीने में 1,070:प्रयागराज मंडल में सबसे ज्यादा कार्रवाई; पकड़े जाने पर 500 जुर्माना, 3 महीने की जेल भी