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बाराबंकी में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ तेज कटान जारी है। नदी के कटान की चपेट में ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन और फसलें आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल से करीब 350 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद बुधवार शाम करीब सात बजे डीएम ईशान प्रताप सिंह रामनगर तहसील प्रशासन के साथ हेतमापुर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्र का मौके पर निरीक्षण किया। मामला रामनगर तहसील क्षेत्र के सूरतगंज ब्लॉक स्थित हेतमापुर गांव का है। डीएम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि घाघरा नदी लगातार उनकी खेती की जमीन को काटकर अपने साथ बहा ले जा रही है। कई किसानों की फसलें भी नदी की धारा में समा रही हैं। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए प्रभावी और मजबूत इंतजाम कराने के साथ नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। बोले- किसी बाढ़ पीड़ित को नहीं होने देंगे परेशानी जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खाने-पीने और रहने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी बाढ़ पीड़ित को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी के जलस्तर और कटान की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने के निर्देश जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बाढ़ और कटान से हुए नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों के नुकसान का नियमानुसार सर्वे कराकर पात्र लोगों को मुआवजा दिलाया जाए। डीएम के मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने से ग्रामीणों को प्रशासन से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। निरीक्षण के दौरान एडीएम निरंकार सिंह, एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, तहसीलदार विपुल सिंह समेत तहसील प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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घाघरा का बढ़ा जलस्तर, हेतमापुर में कटान से ग्रामीणों दहशत:DM ने बाढ़-कटान का लिया जायजा, बोले- 24 घंटे अलर्ट रहें अधिकारी; किसानों को मिलेगा मुआवजा