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महाराष्ट्र के बीड जिले के दहिफले परिवार ने दावा किया है कि उनके यहां 200 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है। मंगलवार को बच्ची के स्वागत में सजा हुआ रथ निकाला गया और संगीत के बीच लोगों ने जश्न मनाया। परली वैजनाथ की रहने वाली कल्पना दहिफले ने 27 अगस्त को स्थानीय अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था। बेटी के जन्म से उनके पति ऋषिकेश और परिवार के दूसरे रिश्तेदार खुशी से भर गए। 200 साल बाद बेटी के जन्म का दावा बच्ची के दादा लिम्बाजी दहिफले भगवान प्राइमरी विद्यालय में हेडमास्टर हैं। उन्होंने कहा कि उनके सीधे पैतृक वंश में करीब 200 साल से कोई बेटी पैदा नहीं हुई थी। लिम्बाजी दहिफले ने कहा कि परिवार में कन्यारत्न के आने से दो सदी से चली आ रही यह कमी पूरी हुई है। सजे रथ में बच्ची को घर लाया गया कल्पना को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दहिफले परिवार ने इस मौके को खास बनाने की तैयारी की। बच्ची को रोशनी से सजे और सुंदर तरीके से सजाए गए रथ में परिवार के इंदिरा नगर स्थित घर लाया गया। इस स्वागत जुलूस में रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक शामिल हुए। रास्ते में लोग पारंपरिक ढोल की धुन पर नाचे और आतिशबाजी की। घर पहुंचने पर बच्ची का प्रवेश द्वार पर पारंपरिक आरती से स्वागत किया गया। इस दौरान वहां रंगोली, फूलों की सजावट और गुब्बारे लगाए गए थे। लिम्बाजी दहिफले ने कहा, “बेटियां आशीर्वाद होती हैं, बोझ नहीं। बेटी का जन्म भी उतनी ही गरिमा, खुशी और उत्सव का हकदार है, जितना समाज आमतौर पर बेटों के जन्म पर मनाता है।” उन्होंने बताया कि इस मौके पर जलेबियां बांटकर खुशी मनाई गई।
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बीड में 200 साल बाद परिवार में बेटी का जन्म:सजे रथ में घर लाई बच्ची, रिश्तेदारों ने ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत