हापुड़ की चीनी मिलों पर किसानों का 203 करोड़ बकाया:15 अक्टूबर तक 100 करोड़ भुगतान का आश्वासन, बाकी अगली पेराई सत्र में


हापुड़ के गन्ना किसानों को चीनी मिलों से बकाया भुगतान को लेकर आश्वासन मिला है। सिम्भावली और बृजनाथपुर चीनी मिलों पर किसानों का करीब 203.42 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। 31 अगस्त को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में दोनों मिलों के संचालन, मरम्मत और किसानों के बकाया भुगतान को लेकर चर्चा हुई। 15 अक्टूबर तक 100 करोड़ भुगतान की कोशिश बैठक में विधायक धर्मेश तोमर और विजयपाल आढ़ती ने किसानों के भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कोर्ट द्वारा नियुक्त आईआरपी अनुराग गोयल से जल्द भुगतान कराने को कहा। आईआरपी ने बताया कि सिम्भावली और बृजनाथपुर मिलों से चीनी और अन्य उत्पादों की बिक्री से मिलने वाली राशि में से करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान 15 अक्टूबर 2026 तक किसानों को करने की कोशिश की जाएगी। शेष करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान अगले पेराई सत्र में तैयार होने वाली चीनी की बिक्री से किया जाएगा।
15 अक्टूबर तक मिलें चालू करने के निर्देश बैठक में दोनों चीनी मिलों को 15 अक्टूबर तक चालू करने के निर्देश दिए गए। आईआरपी के अनुसार, दोनों मिलों का मरम्मत कार्य करीब 10 अक्टूबर तक पूरा करने और 15 से 20 अक्टूबर के बीच पेराई शुरू कराने की कोशिश की जाएगी। सिम्भावली ग्रुप की 3 मिलों के टेकओवर पर भी चर्चा बैठक में सिम्भावली ग्रुप की तीनों चीनी मिलों के टेकओवर की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। आईआरपी ने बताया कि सीओसी (कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स) की ओर से फॉर्म-जी जारी किया जा चुका है। इसके लिए आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तारीख 8 सितंबर तय की गई है। संभावित समाधान आवेदकों की पहली सूची 16 सितंबर को जारी होगी। आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 सितंबर और अंतिम सूची जारी करने की तारीख 30 सितंबर निर्धारित की गई है। समाधान योजनाएं जमा करने की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 तय की गई है। समाधान योजना में किसानों को पहले भुगतान आईआरपी ने आश्वासन दिया कि समाधान योजना के तहत गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले किया जाएगा। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों और अन्य देनदारों का भुगतान होगा। सबसे आखिर में बैंकों का भुगतान किया जाएगा।

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