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प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) में शुक्रवार को पांच दिवसीय भरतमुनि नाट्य समारोह का शुभारंभ हुआ। केंद्र के प्रेक्षागृह में आयोजित इस समारोह के पहले दिन ‘गुड़िया की शादी’ नाटक का मंचन किया गया, जिसने समाज में सौंदर्य के प्रति संकीर्ण सोच और एक युवती के आत्मसम्मान के संघर्ष को दर्शाया। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन राष्ट्रीय कला मंच के राष्ट्रीय प्रमुख अंकित शुक्ला, NCZCC के उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉ. मुकेश उपाध्याय और कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कला जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं।
समिता सागर द्वारा लिखित और वरिष्ठ नाट्य निर्देशक संजय श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित यह नाटक बुंदेलखंड के एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है। नाटक की मुख्य पात्र ‘गुड़िया’ अपने सांवले रंग के कारण परिवार और समाज की उपेक्षा का सामना करती है। कहानी में तब मोड़ आता है जब शादी से एक दिन पहले एक घटना गुड़िया के रूप-रंग को और प्रभावित करती है। इस संकट की घड़ी में उसकी भाभी का सहयोग और गुड़िया की मासूमियत यह दर्शाती है कि सच्चा सुख बाहरी दिखावे से अधिक आंतरिक गुणों में निहित है। नाटक में भूमि बाथरी ने गुड़िया, अभिषेक शाही ने राधे और गीतिका देवदास ने सरला की मुख्य भूमिकाएं निभाईं। सहयोगी कलाकारों में कश्फ़ ख़ान, गीता अहिरवार, साक्षी गुप्ता, एकता चौरसिया, लक्ष्य अरोड़ा, विनीता देवी और रोशन अवधिया शामिल थे। नाटक की संगीत परिकल्पना और सहायक निर्देशन अभिषेक दुबे ने किया। प्रस्तुति के समापन पर उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने निर्देशक संजय श्रीवास्तव को अंगवस्त्र और पौधा भेंट कर सम्मानित किया। दर्शकों ने नाटक की सराहना करते हुए तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
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प्रयागराज NCZCC में पांच दिवसीय नाट्य समारोह शुरू:'गुड़िया की शादी' नाटक ने समाज की संकीर्ण सोच पर किया कड़ा प्रहार