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गोरखपुर में पहली पोस्टिंग और जान हथेली पर रखकर 9वीं की छात्रा की जान बचाने वाली महिला सब इंस्पेक्टर जागृति खरवार की हर तरफ चर्चा हो रही है। एक तरफ वाराणसी में तैनात दरोगा पिता बेटी के इस अच्छे काम से गदगद हैं। उन्होंने बोला कि बेटी ने तो सीना चौड़ा कर दिया। वहीं दूसरी तरफ जिले के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और एसपी सिटी निमिष पाटील ने भी तारिफ करते हुए पुलिस ऑफिस में महिला एसआई को सोमवार को सम्मानित कर मनोबल बढ़ाया। एम्स थाना क्षेत्र में रविवार को जान देने के लिए 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी 9वीं की छात्रा को बचाने के लिए महिला दरोगा ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। जानिए महिला दरोगा की कहानी…। पसंद थी बैंक की नौकरी, पुलिस में आईं जागृति खरवार मूल रूप से गाजीपुर की रहने वाली हैं। जागृति के पिता राधेश्याम खरवार दरोगा हैं। वह वाराणसी जिले में काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात हैं। जागृति की 3 बहनें और एक भाई है। जिसमे वह तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने बताया कि वह बैंक में नौकरी करना चाहती थीं। इसके लिए परीक्षा भी दी थी। लेकिन दरोगा पिता को देखकर उन्होंने पुलिस में जाने का मन बनाया। साल 2023 में वह एसआई के रूप में भर्ती हुईं। ट्रेनिंग के बाद पहली तैनाती उनकी एम्स थाने में सब इंस्पेक्टर के रूप में हुई। अपनी पहली पोस्टिंग में चौंकाने वाली जागृति खरवार अलग करना चाहती हैं। हाथ फिसलने लगा था हार नहीं मानी सब इंस्पेक्टर जागृति ने बताया कि 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर जब चढ़ी तो 9वीं की छात्रा वहां पैर नीचे लटकाकर बैठी थी। मुझे देखकर वह और पीछे की तरफ हो गई। तब वहीं पर मैं बैठ गई। उससे बातें करने लगी। करीब 45 मिनट तक बात करने के बाद भी वह समझने को तैयार नहीं हुई। वह बार-बार यही कर रही थी कि जीना नहीं चाहती हूं। तभी मैंने अपना मोबाइल देते हुए बोला कि लो बात कर लो, इसके बाद जो मन करे वो कर लेना। जैसे ही उसने मोबाइल के लिए हाथ बढ़ाया, मैंने उसे पकड़ लिया। इसके बाद वह नीचे कूदी, लेकिन उसका दोनों हाथ और कपड़ा मजबूती से पकड़ी थी। इसलिए वह अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो पाई। वह बार-बार हाथ छुड़ाना चाह रही थी, बोल रही थी कि मुझे मर जाने दो। लेकिन मैंने हाथ नहीं छोड़ा, एक समय हाथ फिसलने लगा था, तभी नीचे से और पुलिस कर्मी आ गए। सबके सहयोग से उसे खींचकर ऊपर लाया गया। फिर समझाते हुए उसे नीचे लेकर आए। महिला दरोगा 100 फीट ऊंची पानी टंकी से कूदी छात्रा का 20 मिनट तक हवा में हाथ पकड़े रखा था। जिससे उसकी जान बची। जागृति खरवार ने बताया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि वह उसे पकड़ पाई हैं। उन्होंंने बताया कि अपना पूरा प्रयास की थी, इसलिए जान बचा पाई। अब जानिए पूरा घटनाक्रम गोरखपुर में 15 साल की लड़की रविवार दोपहर जान देने के लिए 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। करीब 3 घंटे तक वह पैर लटकाकर टंकी पर बैठी रही। यह देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने लड़की को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। इस पर महिला दरोगा जागृति खरवार ने जोखिम उठाकर टंकी पर पहुंचीं और उसे पीछे से पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद लड़की ने टंकी से छलांग लगा दी, लेकिन महिला दरोगा ने उसका हाथ और कपड़ा मजबूती से पकड़ लिया। करीब 20 मिनट तक वह हवा में लटके रही, जिसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों ने लड़की को सुरक्षित ऊपर खींच लिया। घटना दोपहर 1:30 बजे महादेव झारखंडी कॉलोनी की है। मां ने बेटी को बॉयफ्रेंड से बात करने से मना किया था। इस बात पर लड़की नाराज थी। 9वीं क्लास की छात्रा, 3 घंटे पुलिसवाले समझाते रहे आवास विकास शिवपुर की रहने वाली 15 साल की लड़की 9वीं कक्षा में पढ़ती है। परिजनों के मुताबिक, वह अपने बॉयफ्रेंड से बातचीत करती थी। रविवार को मां ने लड़के से बातचीत करने के लिए मना किया। मां की डांट से वह नाराज हो गई। दोपहर करीब 1:30 बजे वह घर से 500 मीटर दूर महादेव झारखंडी कॉलोनी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। स्थानीय लोगों ने उसे टंकी से पैर लटकाकर बैठे देखा तो नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं मानी। धीरे-धीरे वहां भीड़ इकठ्ठा हो गई। सूचना मिलने के बाद एम्स पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 3 घंटे तक पुलिसकर्मी और परिजन उसे समझाते रहे, लेकिन वह नीचे नहीं उतरी। बातचीत के बहाने टंकी पर पहुंचीं महिला दरोगा एम्स चौकी में तैनात महिला दरोगा जागृति खरवार ने लड़की को सुरक्षित उतारने की जिम्मेदारी संभाली। वह उससे बातचीत करते हुए टंकी पर पहुंचीं। किसी तरह उसे विश्वास में लिया। मौका मिलते ही उन्होंने लड़की को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद लड़की ने नीचे की ओर छलांग लगा दी। महिला दरोगा ने उसका हाथ और मजबूती से पकड़ लिया, जिससे लड़की नीचे नहीं गिर सकी। करीब 20 मिनट तक वह हवा में लटकी रही, तभी अन्य पुलिसकर्मी सीढ़ियों से ऊपर पहुंचे और उसे ऊपर खींच लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से लड़की को नीचे उतारा गया। एम्स थाना प्रभारी महेंद्र कुमार पांडेय ने बताया, लड़की को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। पुलिस उसकी काउंसलिंग कराकर घरवालों को सौंप दिया। आगे भी पुलिस उसका हाल चाल लेने घर जाएगी।
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गोरखपुर में 9वीं की छात्रा को बचाया:दरोगा पिता हुए गदगद, पढ़िए 100 फीट ऊंची टंकी पर दिलेरी दिखाने वाली महिला SI की कहानी