योगेश सोमवंशी | लखनऊ9 मिनट पहले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उन्नाव के हसनगंज थाने में एक व्यक्ति को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखने और लाखों रुपये का सामान गायब करने के आरोपों पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उन्नाव के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पूरे मामले की जांच करने और 27 से 30 जुलाई 2026 तक की थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबिता रानी की खंडपीठ ने राम कुमार की याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता के अनुसार, उसे 27 जुलाई से 30 जुलाई तक हसनगंज थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था, जबकि इस अवधि में उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की गई।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उसके लगभग 14 लाख रुपये के जेवर, 35 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और लगभग 15 कारतूस ले लिए। उसने संबंधित अवधि की थाने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की थी।
न्यायालय ने एसपी को फुटेज की जांच कर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार को इस मामले में तीन सप्ताह के भीतर जवाबी शपथपत्र दाखिल करना होगा।
